Home अरब देश सऊदी अरब ने देश से बाहर निकाले 200 पाकिस्तानी प्रवासी

सऊदी अरब ने देश से बाहर निकाले 200 पाकिस्तानी प्रवासी

मुल्तान: सऊदी अरब सरकार ने 130 से ज्यादा पाकिस्तानी प्रवासियों को सऊदी अरब से बाहर निकाल दिया है. इसका कारण अवैध वीज़ा या वीज़ा की वैध अवधि से अधिक समय तक सऊदी अरब में रहना वर्क परमिट के बिना सऊदी अरब में काम करना है.

गुरुवार को सऊदी अरब एयरलाइन्स के माध्यम से निर्वासित किये गए पाकिस्तानी प्रवासी मुल्तान अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे. इन श्रमिको ने दावा किया कि सऊदी बिन लादेन ग्रुप और रेडिको रियल एस्टेट डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट ने उनके एक साल से अधिक वक़्त के पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किया है.

श्रमिकों ने बताया कि उनकी स्थिति भयावह थी क्योंकि उनके नियोक्ताओं ने एक साल से अधिक समय से उनका भुगतान नहीं किया था. उनका वर्क परमिट ख़त्म होने के बाद उनकी स्थिति और भी बुरी हो गयी. कंपनियों ने अपने 2 साल के वर्क परमिट का नवीनीकरण भी नहीं किया था.

ये निराश्रित कर्मचारी जुबिल आर सी कैम्पों में रहते थे. वर्क परमिट की समाप्ति और साल भर से वेतन न मिलने के कारण उन कि स्थिति बद से बदतर हो गयी थी. सऊदी श्रमिक क़ानून के अनुसार वैध वर्क परमिट के बिना उनका किसी भी फार्म के साथ काम करना भी असंभव हो गया था.

प्रवासी श्रमिकों में से एक रब नवाज़ ने कंपनी के हाथों सबसे बुरी तरह शोषित होने का दावा किया. उन्होंने कहा कि कई बार अनुरोध करने के बावजूद पाकिस्तानी दूतावास ने भी उनकी कोई सहायता नहीं की.

एक अन्य श्रमिक जाहिद अब्बास ने कहा कि उन्होंने 6 महीने पहले पाकिस्तानी दूतावास से संपर्क किया तो उधर से जवाब मिला कि उनका कंप्यूटर सिस्टम हैक कर लिया गया है, और वे उसके ठीक होने पर ही नागरिकों की मदद कर सकते हैं. अब्बास ने कहा कि 6 महीने बीत गए लेकिन दूतावास से भी कोई सहायता नहीं मिली.

विदेश कार्यालय ने दावा किया कि सरकारी सहायता कार्यक्रम के तहत हर कर्मचारी को पचास हज़ार रुपये की सहायता राशि दी गयी है. लेकिन एक मजदूर ने दावा किया कि उसके परिवार को केवल 10,000 रुपये दिए गए हैं.

एफओ के प्रवक्ता ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि इन पाकिस्तानी लोगों ने स्थानीय श्रम अदालत में मामला दर्ज कराया है. इसके अलावा, एफओ सऊदी अरब के श्रम मंत्रालय के साथ दीर्घकालिक मजदूरी के मुद्दे को हल करने के लिए शामिल कंपनियों के संपर्क में है.