Home अरब देश पेट्रो चाइना के ज़रिये सऊदी अरामको में निवेश करेगा चीन

पेट्रो चाइना के ज़रिये सऊदी अरामको में निवेश करेगा चीन

बीजिंग: गुरुवार को दूसरी चीनी तेल कंपनी ने इस हफ्ते निवेशक बनने पर चर्चा करते हुए कहा कि पेट्रो चाइना (Petro china) सऊदी अरब की राष्ट्रीय तेल कंपनी सऊदी अरामको की शुरुआती सार्वजनिक पेशकश में बाजार की स्थितियों के आधार पर भाग लेने पर विचार करेगी. चीन के सबसे बड़े तेल एवं गैस उत्पादक 2016 की घोषणा की ब्रीफिंग में अध्यक्ष व वाईस-चेयरमैन वांग दोंग्जिन ने कहा कि सऊदी अरब ने ये योजना पेट्रो चाइना को दी है. वांग ने कहा कि उनके विचार से बाज़ार की स्थिति के आधार पर वे अपना मूल्यांकन और अध्ययन करेंगे.

सोमवार को, सिनोपेक ने कहा कि सऊदी अरबों के अध्यक्ष ने फर्म का दौरा किया था और दोनों पक्ष आईपीओ के विषय में वार्ता भी की, जो कि दुनिया की सबसे बड़ी इक्विटी बिक्री होने की सम्भावना है. वैंग ने कहा कि पेट्रो चाइना ने सऊदी अरमको से अपने युनान पेट्रोकेमिकल संयंत्र के बारे में भी बातचीत की और अपनी उन्नत तेल प्रौद्योगिकी को सऊदी अरब के तेल क्षेत्रों में भेजने की संभावनाओं के विषय में भी बात की. उन्होंने कहा कि वे संयुक्त उद्यम यूनान पेट्रोकेमिकल पर भी चर्चा कर रहे हैं.

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सूत्रों ने बताया कि 2015 में सऊदी अरामको देश के दक्षिण-पश्चिम में अपनी नई रिफाइनरी में 1 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करने की योजना बना रहा था. कंपनी को उम्मीद है कि तेल की कीमतें इस साल 50 डॉलर से 58 डॉलर प्रति बैरल तक रहेंगी जिससे 2016 की शुरुआत में हुए नुकसान की भरपाई हो पायेगी. 2016 में पेट्रोचाइना के कच्चे तेल का उत्पादन 5.3 प्रतिशत घटकर 920.7 मिलियन बैरल रह गया. हालाँकि ये बीपी और शैल सहित अभी भी वैश्विक उत्पादकों में सबसे ज्यादा है. लेकिन 2012 के बाद से पेट्रो चाइना बाज़ार में बहुत मंदा है. पेट्रो चाइना का कच्चा तेल उत्पादन 2015 में 972 मिलियन बैरल तक बढ़ा था.

कंपनी ने अपनी सालाना रिपोर्ट में कहा कि घरेलू गैसोलीन की मांग अपेक्षा से कम थी, वहीँ डीजल की खपत में भी कमी आई थी. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल घरेलू परिष्कृत उत्पादों में अत्यधिक आपूर्ति की स्थिति गंभीर हो गई. आयातित और संसाधित कच्चे तेल, परिचालन क्षमता और स्थानीय रिफाइनरियों की बाज़ार में हिस्सेदारी आदि सभी की मात्रा बढ़ गयी है. जिससे बाज़ार में प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ गयी है.

पेट्रो चाइना ने 2016 के वार्षिक शुद्ध लाभ में 78 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है जो 2011 के बाद से सबसे कम है. ये कमी प्राकृतिक गैस और कच्चे तेल की कम कीमतों के कारण हुई. चीन के तेल और गैस उत्पादकों द्वारा पिछले साल के लिए बताये गए गिरते मुनाफे ने घरेलू इधन तेल बाजारों में पुराने कुओं और अतिरिक्त आपूर्ति से गिरावट में बढती चुनौतियों पर प्रकाश डाला है. पेट्रो चाइना का शुद्ध लाभ 2015 में 35.7 अरब युआन से 7.86 अरब युआन (1.14 बिलियन डॉलर) तक गिर गया, जबकि आईएफआरएस लेखा मानकों के आधार पर राजस्व 6.3 प्रतिशत गिरकर 1.62 ट्रिलियन युआन (235 अरब डॉलर) हो गया.

इस वर्ष के लिए वर्ष के लिए पेट्रो चाइना का कुल तेल और गैस उत्पादन 1.47 अरब बैरल तेल के बराबर था जो 2015 से 1.8 प्रतिशत नीचे था. पेट्रो चाइना ने कहा कि साबित कच्चे तेल का भंडार 7.44 बिलियन बैरल था जो 2015 से 12.7 प्रतिशत कम था. ऑफशोर परिचालन के विशेषज्ञ और पेट्रो चाइना के छोटे अपस्ट्रीम प्रतियोगी सीएनओओसी ने इसके ख़राब परिणाम के बारे में 2011 में बताया था. लेकिन इस साल इसकी वृद्धि के अनुमान है.

एशिया के सबसे बड़े रिफाइनर सिनोपेक के मुनाफे में रिफाइनिंग और रसायनों में मज़बूत प्रदर्शन के कारण पिछले साल के मुकाबले 44 प्रतिशत की वृद्धि हुई. सिनोपेक का तेल और गैस उत्पादन 2016 में 8.6 प्रतिशत घटकर 431.29 मिलियन बैरल हो गया, जो एक साल पहले 471. 91 मिलियन था.

web title – China ready to invest in Saudi Arabia oil company Aramco via Petro China

paragraph – On Thursday, another Chinese oil company, referring to becoming an investor this week, said Petro China will consider taking part in the initial public offering of Saudi Arabian national oil company Saudi Aramco on the basis of market conditions.