Home अरब देश एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा सऊदी अरब को कोई मुल्क न बेचे हथियार

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा सऊदी अरब को कोई मुल्क न बेचे हथियार

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने एक घोषणा पत्र में कहा है किः अमरीका और ब्रिटेन सऊदी अरब को अरबो डॉलर के हथियार दे कर यमन में मानवाधिकार के उल्लंघन को बढ़ावा दे रहे हैं।

एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2015 में यमन युद्ध के आरम्भ से वाशिंगटन और लंदन ने पाँच अरब डॉलर से अधिक के हथियार सऊदी अरब को दिए हैं, जो कि अमरीकी विदेश मंत्रालय और ब्रिटेन के विकास मंत्रायल की तरफ़ से यमन की सहायता के लिए दो साल में जारी किए जाने वाले बजट से दस गुना अधिक है।

बैरूत में एमनेस्टी इंटरनेशनल के क्षेत्रीय कार्यालय के अनुसंधान निदेशक लीन मालूफ़ ने इस घोषणा पत्र में ज़ोर दियाः इस दो साल के युद्ध के कारण तीस लाख से अधिक लोगों को अपना घरबार छोड़ना पड़ा और हज़ारों नागरिकों की जीवन तहस नहस हो गया, और यमन मानव त्रासदी का शिकार हो गया, इस प्रकार की इस समय एक करोड़ अस्सी लाख यमनियों को तुरंत मानवीय सहायता की आवश्यकता है।

उन्होंने कहाः अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ लाख डॉलरों की सहायता के बावजूद, बहुत से देश अरबों डॉलर के हथियार पहुँचा कर यमन के लोगों की परेशानियों और कठिनाईयों के भागीदार हैं।

इस रिपोर्ट के अनुसार अमरीका और ब्रिटेन जैसे देशों द्वारा भेजे गए हथियारों का अधिकतर मौक़ों पर मानवाधिकार के उल्लंघन में प्रयोग किया गया है, और इन हथियारों ने इस देश में मानव त्रासदी खड़ी कर दी है, यह देश हथियारों की नई बिक्री के अनुबंधों पर उस स्थिति में सहमति दी है कि जब यही देश अपने ही द्वारा खड़े किए गए संकट के लिए यमन को मानवीय सहायता दे रहे हैं।

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने चेतावनीः यमन के लोग इस समय इन हथियार बिक्री समझौतों की क़ीमत अदा कर रहे हैं, वह अनुबंध जो इन समझौते पर हस्ताक्षर करने वालों के दोहरे रवय्ये की गंभीरता को दिखा रहा है।

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने विश्व समुदाय से मांग की है कि सऊदी अरब को हथियारों की बिक्री तुरंत रोकी जाए और यमन में सऊदी अरब के अपराधों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच शुरू की जाए।

इस संगठन ने तमाम देशों विशेषकर अमरीका और ब्रिटेन से मांग की है कि जिन हथियारों को युद्ध अपराध और अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों के उल्लंघन के लिए यमन में प्रयोग किया जा सकता है उनको सऊदी अरब को दिए जाने पर तुरंत रोक लगाई जाए।