Home अरब देश वो पांच काम जो सऊदी अरब में नहीं कर सकता एक प्रधानमंत्री

वो पांच काम जो सऊदी अरब में नहीं कर सकता एक प्रधानमंत्री

सऊद की सभा, जिसने अरब प्रायद्वीप पर 1932 में कब्ज़ा कर लिया था, में सख्त कानून और सीमाएं हैं. यहाँ बहुत से क़ानून ऐसे हैं जो महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित करते हैं.

थेरेसा मई ब्रिटेन की दूसरी ऐसी महिला प्रधान मंत्री हैं जो सऊदी अरब की यात्रा पर हैं. उन्होंने इस यात्रा से पहले ही कह दिया था कि इससे साबित होगा कि महिलाएं क्या हासिल कर सकती हैं.

थेरेसा ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि लोग उन्हें एक महिला नेता के तौर पर देखते हैं. और वो देखना चाहते हैं कि एक महिला क्या हासिल कर सकती है. वो जानना चाहते हैं कि महत्वपूर्ण पदों पर महिलाएं क्या कर सकती हैं और उसे कैसे संभालती हैं. उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने बहुत से मौकों पर सऊदी से बात की है. और वो अक्सर इस मुद्दे को उठाती रही हैं. उन्होंने आगे कहा कि उनके ख्याल से बहुत से बदलाव लोग देख चुके हैं. थेरेसा ने पिछली बार मार्च 2014 में गृहसचिव के तौर पर सऊदी अरब का दौरा किया था.

वो पिछली बार सऊदी अरब के शासक किंग सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ से दिसम्बर में  बहरीन में हुए गल्फ कोऑपरेशन कौंसिल में मिली थीं. फिलहाल यहाँ शराब लाने पर रोक जैसे ऐसे कुछ काम प्रतिबंधित हैं जो थेरेसा मई यहाँ नहीं कर सकती हैं.

थेरेसा मई यहाँ गाड़ी नहीं चला सकती हैं. सऊदी अरब में महिलाओं को गाड़ी चलाने का अधिकार नहीं है. विदेश और राष्ट्रमंडल कार्यालय की सलाह के अनुसार सऊदी अरब में महिलाओं के गाड़ी चलाने पर प्रतिबन्ध है. सुरक्षा कारणों से 1939 के बाद ब्रिटेन ने भी अपने सभी प्रधानमंत्रियों के गाडी चलाने पर रोक लगा दी थी. लेकिन ये क़ानून 1986 में श्रीमती थेचेर को 1 मुख्य युद्ध टैंक चलाने से नहीं रोक सका.

वो यहाँ अपनी पसंद के कपडे भी नहीं पहन सकती हैं. सऊदी अरब में महिलाओं को रूढ़िवादी, ढीले और एक निश्चित लम्बाई के कपडे पहनने अनिवार्य हैं. उन्हें यहाँ अबाया और स्कार्फ़ पहनना आवश्यक है. यहाँ डेविड कैमरून समेत तमाम प्रधानमंत्रियों को शॉर्ट्स पहनने से भी रोका गया.

हालाँकि 2015 में जब मिशेल ओबामा ने तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ सऊदी का दौरा किया तो उनका सिर खुला ही दिखाई दिया. उन्होंने अपने सिर पर कोई स्कार्फ़ या अन्य कोई कपडा नहीं पहना था, जैसा कि उनकी पूर्ववर्ती लौरा बुश ने अपने 2007 के दौरे में किया था.

यहाँ के दौरे पर परंपरागत रूढ़िवादी पोशाक पहनने के चलन को जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल और हिल्लेरी क्लिंटन ने भी बनाये रखा.

यहाँ कोई महिला सार्वजनिक पूल या तालाब में तैर भी नहीं सकती है. सऊदी अरब में महिलाओं को तैराकी की अनुमति नहीं है. वो केवल महिलाओं के लिए विशेष रूप से बने जिम और तालाब में ही व्यायाम या तैराकी कर सकती हैं. यहाँ महिलाओं के लिए सार्वजनिक पूल में तैरना या व्यायाम करना शर्मनाक माना जाता है.

सऊदी अरब में महिलाएं किसी होटल आदि में उस दरवाज़े से प्रवेश नहीं कर सकती हैं जहाँ से पुरुष प्रवेश करते हैं. सऊदी अरब में सार्वजनिक इमारतों में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार होते हैं.

सऊदी अरब में महिलाओं को किसी पुरुष के साथ के बिना खाना खाने की भी अनुमति नहीं है. जी हाँ, भले ही ये जानकर थोडा अजीब लगे लेकिन यहाँ का सच यही है. सऊदी अरब में होटल या रेस्टोरेंट में अकेले खाना खाने वाली महिलाओं मुतावा द्वारा गिरफ्तार कर लिया जाता है.

इसी प्रकार सऊदी अरब में महिलाओं को अकेले कहीं जाने की भी अनुमति नहीं है. सऊदी अरब में महिलाओं को किसी गैर मर्द के साथ भी कहीं जाने की अनुमति नहीं है. एक महिला अपने पिता, पति के साथ ही कहीं जा सकती है.

हालाँकि ये सब बेहद अजीब है लेकिन सऊदी अरब में महिलाओं के लिए ऐसे ही नियम हैं.