Home अरब देश सऊदी प्रवासियों के अच्छे दिन खत्म, लग सकता है बड़ा टैक्स

सऊदी प्रवासियों के अच्छे दिन खत्म, लग सकता है बड़ा टैक्स

People shop during the "Extra Mega Sale" in Riyadh October 14, 2012. Increased government spending is filling Saudi wallets through an expanding public payroll, unemployment benefits and the stimulus effect of new infrastructure projects. Such booms have occurred in the past, in an economy which is sensitive to the ups and downs of the state-run oil industry. But this time, the strength of private consumption suggests it may have gained critical momentum, so it may stay high even when government spending eventually slows. Picture taken October 14, 2012. To match Mideast Money SAUDI-CONSUMER/BOOM REUTERS/Fahad Shadeed (SAUDI ARABIA - Tags: BUSINESS)

सऊदी सूत्रो के अनुसार रियाद सरकार ने देश के आर्थिक पतन के कारण अपने नागरिको के खिलाफ अपनी नीति लागू करने की योजना बना रहा है। उदाहरण के रूप मे नए करों के तौर पर जो अधिकतर खाने पीने और यातायात सम्बंधित वस्तुओं पर लागू किया जायेगा.

सऊदी सूत्रो के अनुसार रियाद सरकार ने देश के आर्थिक पतन के कारण अपने नागरिको के खिलाफ अपनी नीति लागू करने की योजना बना रहा है। उदाहरण के रूप मे नए करों और वस्तुओं की बढ़ती कीमतों बढ़ाए जाने के लिए दिसंबर 2017 मे उठाए गए कदम है।

सऊदी अरब के दैनिक समाचार पत्र मुस्तक़िल राय अलयोम की रिपोर्ट अनुसार सऊदी सरकार की कीमतें बढ़ाने और कराधान नीति 2020 तक लागू रहेगी और 2018 से 2020 तक विदेशी नागरिकों पर भी कराधन नीति लागू करने की योजना है।

इसी प्रकार रियाद सरकार विदेशी नागरिकों की जमा पूंजी पर 2017 में कर कटौती करने की योजना है।

उक्त दैनिक समाचार पत्र ने अपनी रिपोर्ट मे लिखा सऊदी अरब में कीमतो में पूर्वानुमाति वृद्धि के परिणाम स्वरूप नए कर लगाए गए है। दैनिक की रिपोर्ट अनुसार 2017 की दूसरी तिमाही में कोल्ड ड्रिंक्स की कीमतो मे 50 प्रतिशत और शीतल पेय तथा ऊर्जा पेय में लगभग 100 प्रतिशत की वृद्धि होगी।

और 2017 की तीसरी तिमाही में पानी की कीमत में वृद्धि होगी। पेट्रोल और डीजल की कीमतो में भी लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि होगी। बिजली दरों में भी वृद्दि की जाएगी।

2018 की पहली तिमाही में भी सामान की कीमतो मे 5 प्रतिशत बढोतरी होगी। इसी प्रकार 2020 मे मजदूरी और आय पर लगाए गए टैक्स की जांच की जाएगी।

सऊदी अरब ने आर्थिक संकट से निपटने के लिए केवल अपने नागरिको को निशाना नहीं बनाया है बल्कि विदेशी नागरिकों को भी निशाना बना रहा है। हालाकि उन्हें 2018 की पहली तिमाही से टैक्स भरना है जिसका आरम्भ 400 सऊदी रियाल से शुरू होकर 2020 तक 800 सऊदी रियाल का भुगतान करना पड़ेगा।

सऊदी अरब के आर्थिक संकट का कारण यमन पर आक्रमण और सीरिया संकट में सरकार विरोधियों की मदद करना है। सऊदी नागरिक भलि भांति जानते है कि विदेशी मोर्चो पर युद्ध जारी रहने से अर्थव्यवस्था का पतन जारी रहेगा।