Home अरब देश भारतीय नेता के बेटे पर दुबई में लगा बैंक धोखाधड़ी का आरोप

भारतीय नेता के बेटे पर दुबई में लगा बैंक धोखाधड़ी का आरोप

बेनॉय सौजन्य से -खालीज टाइम्स

दुबई में स्थित एक ट्रैवल कंपनी ने वित्तीय घोटाले के मामले में दक्षिण भारतीय राज्य केरल के वरिष्ठ कम्युनिस्ट पार्टी के नेता के बेटे पर 7 मिलियन दिरहम का जुर्माना  लगाया गया है.

दीरा में स्थित जास पर्यटन एलएलसी ने आरोप लगाया है कि, ” केरल के सत्तारूढ़ पार्टी सीपीआई-एम के राज्य सचिव कोडिरीरी बालकृष्णन के बेटे बेनॉय विनोदिनी बालकृष्णन ने लक्जरी कार खरीदने और अपने व्यवसायों को निधि देने के लिए अपने खाते के माध्यम से बैंक ऋण लिया था, जिसे वह बिना चुकाए ही दुबई से वापस चले गए.”

इस आरोप ने दक्षिण भारत में तूफ़ान खड़ा कर दिया है,  जिसमें विपक्षी दलों ने पार्टी नेतृत्व के आरोप में एक स्वतंत्र जांच के आदेश दिए.

खलीज टाइम्स के अनुसार, बेनॉय ने कहा कि “दुबई में उनके खिलाफ ऐसा कोई मामला नहीं है, यह आरोप निराधार हैं, पिछले साल नवंबर में भी मैं दुबई गया था, अगर मेरे खिलाफ कोई मामला था, तो मैं दुबई कैसे जाऊँ और कैसे वापस आ जाऊं? यह सबूत पर्याप्त है कि मेरे पास दुबई में कोई कानूनी मुकदमा लंबित नहीं है.

जेएएएस के एमिराती संस्थापक हसन इस्माईल अब्दुल्ला के अनुसार, बेनोय ने जेएएएस के पार्टनर राहुल कृषण के साथ की दोस्ती का इस्तेमाल कर कैश उधार लिया.

उन्होंने शिकायत दर्ज कर कहा की “बिनॉय बालाकृष्णन, हमारी कंपनी में श्री राहुल कृष्णन के माध्यम से अपनी दोस्ती का उपयोग कर, हमारे बैंकों से अपने लिए ऑडी खरीदने के लिए 313,200 दिरहम ऋण के लिए उधार लिया और समय पर सभी ईएमआई का भुगतान करने के लिए सहमत हुए.”

खलीज टाइम्स के अनुसार, “बेनॉय ने संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, भारत और नेपाल में विभिन्न व्यापारिक सौदों के लिए 4.5 मिलियन दिरहम उधार लिया और जून 2016 से पहले इस कर्ज को चुकाने का वादा किया था और अभी तक उसने पैसा वापस नहीं चुकाया है.”

ट्रैवल एजेंसी ने दावा किया कि उन्होंने दुबई अदालत के साथ आपराधिक मामले दर्ज किए थे और उन्हें दुबई में वापस लाने के लिए इंटरपोल सहायता की सलाह दी गई थी.

हालांकि, बेनॉय ने कहा कि उन्होंने 2014 में जेएएएस से सिर्फ 3 मिलियन उधार लिया था और 2017 से पहले  2 मिलियन दिरहम का भुगतान कर दिया था, उसने कहा की “हम दोस्त थे, इसलिए मुझे लगा की बाकि राशि देने के लिए वह मुझे कुछ समय देंगे, इसके बजाय, उन्होंने मई 2017 में मेरे सुरक्षा जांच को जमा कर दिया, और इसे बाउंस किया.

बेनॉय ने कहा की “मुझे राहुल कृष्णन नहीं मिला, इसलिए मई में मैंने मामले को सुलझाने के लिए दुबई का दौरा किया, मैं मुराक़ाबाबाद पुलिस स्टेशन के पास गया और उन्हें साबित करने के लिए मैंने डाक्यूमेंट्स दिखाए की मुझे अब दो मिलियन दिरहम का भुगतान नहीं करना है, यह मामला दुबई अदालतों में स्थानांतरित कर दिया गया था और मुझे 60,000 दिरहम का जुर्माना देना था, यह मामले का अंत था और यह मामला वहीं बंद हो गया था.

राजनीतिक तूफान

खलीज टाइम्स के अनुसार, जेएएएस द्वारा किए गए आरोपों ने बेनॉय के पिता की पार्टी पर अनेक से आरोप लगाना शुरू कर दिया. राज्य विधानसभा में पत्रकारों को संबोधित करते हुए विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला ने कहा कि वे चाहते हैं कि मुख्यमंत्री विजयन या पार्टी मीडिया रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया दें, बेनॉय के पिता कोडियारी बालाकृष्णन, एक अनुभवी राजनीतिज्ञ हैं, जिन्होंने प्रमुख पार्टी और मंत्री पदों का आयोजन किया है, ने इन आरोपों से भी इनकार किया.

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