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इस्लामिक नये साल की शुरुआत, इस्लाम ज़िंदा होता हैं हर करबला के बाद

आज से इस्लामिक केलिन्डर ईयर की शुरआत हो गयी हैं, रविवार को चाँद दिखने के बाद सोमवार से मुहर्रम-अल-हराम का महीना शुरू हो गया हैं.

इस्लामिक नये साल 1438 हिजरी का पहला दिन 3 अक्टूबर 2016 या सोमवार के दिन यानि आज हैं, जबकि यौम –ए-आशूरा (यानि मुहर्रम की 10 तारीख़) 12 अक्टूबर 2016 को होगा.

आपको बता दे कि मुहर्रम-उल-हराम का महीना रमज़ान के बाद इस्लामिक महीनो में सबसे पवित्र महीना माना जाता हैं. यह महीना पैग़म्बर-ए-इस्लाम मोहम्मद सल्ललाहो अलह वसल्लम के नवासे इमाम हुसैन की सहादत का महीना हैं.

यज़ीदी फ़ौज ने बगदाद की राजधानी कर्बला में इमाम हुसैन सहित लगभग उनके पूरे घराने को शहीद कर दिया गया था. यज़ीदी फ़ौज ने इमाम हुसैन और उनके परिवार वालो के लिए खाना-पीना सब बंद करा दिया हत्ता कि नौजात बच्चो तक को पानी के लिए तरसा दिया था.

इस अवसर पर एक बड़ा ही मशहर और महरूफ शेर याद आता हैं, कि क़त्ल-ए-हुसैन अस्ल में मार्गे यज़ीद हैं…इस्लाम ज़िंदा होता हैं हर कर्बला के बाद.