Home अरब देश मक्का और मदीना ‘सऊदी’ खानदान की संपत्ति नहीं-ईरान

मक्का और मदीना ‘सऊदी’ खानदान की संपत्ति नहीं-ईरान

ईरान और सऊदी अरब के बीच मतभेद बढ़ते जा रहे हैं. जहाँ सऊदी के सबसे बड़े मुफ़्ती शैख़ अब्दुल अज़ीज़ ने ईरानी लोगो को -गैर-मुस्लिम कहा जिसपर पलटवार करते हुए ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खेमनोई ने सऊदी अरब और अब्दुल अज़ीज़ को कट्टरपंथ का संस्थापक बना डाला. लेकिन तक़रार का जुबानी सिलसिला अभी तक रुका नहीं हैं.

ईरान के अधिकारियो का कहना हैं कि सऊदी अरब ने जान-बूझकर ईरानी नागरिको पर हजयात्रा के लिए प्रतिबन्ध लगाया हैं. इसके साथ ही सऊदी अरब ने हज के दौरान यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की वार्ता को ठुकरा दिया हैं. उल्लेखनीय हैं कि साल २०१५ में हज के दौरान करें गिरने से सैकड़ो नागरिको की मौत हो गयी थी.

ईरान के हज और तीर्थयात्रा संगठन प्रमुख सईद ओहदी ने शुक्रवार को न्यूज़ एजेंसी एएफपी को एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि “यह बिलकुल भी स्वीकार नहीं था, ईरान के श्रद्धालुओं को हज से वंचित करना विशेष कर तब जब वे 15-20 सालो से प्रतीक्षा कर रहे था.”

उन्होंने कहा कि “सऊदी को लगता हैं कि वह इसके मालिक हैं, वो समझते हैं कि मक्का और मदीना उनकी जायदाद हैं, लेकिन यह उनकी जायदाद नहीं हैं यह इस्लाम की संपत्ति हैं.”

उल्लेखनीय हैं पिछले वर्ष हज में ‘मीना’ में एक शैतान को पत्थर मारने की प्रतीकात्मक समारोह के दौरान भयंकर हादसा हुआ था, इस हादसे में करीब 2,400 लोगो की मौत हो गयी थी जिसमे 460 ईरानी हज यात्री भी मारे गए थे. जबकि सऊदी अरब का कहना हैं कि इस घटना में 770 हजयात्रियों ने जाने गवाई थी.

ओहदी ने बताया कि सऊदी अरब के समकक्ष मुहम्मद सलाह बेंटिन ने ईरान से आये शिया हजयात्री सुन्नी मुसलमानो में स्थानांतरित हो जाते हैं. लेकिन मंत्री जी मैं आपको बताना चाहता हूँ कि “यह वास्तव में अजीब है, ईरान में सुन्नी मुसलमानो की संख्या 8 मिलियन के करीब हैं.”

“यदि आप नहीं चाहते हैं कि ईरानी नागरिक हज पर सऊदी आये तो स्पष्ट और पारदर्शी रूप से कह दीजिये के हम ईरानी नागरिको को हज की अनुमति नहीं देगे, क्योकि आपको भय हैं कि ईरानी नागरिक पिछले वर्ष हुए हादसे का खुलासा कर देंगे.”

Web-Title:Mecca and Madina are not the properties of Saudis

Key-Words: Mecca, Madina, Saudi, Iran, Officials