Home अरब देश इस्राईल के यहूदी राज्य के नस्लभेदी क़ानून पर ओआईसी की कड़ी प्रतिक्रिया

इस्राईल के यहूदी राज्य के नस्लभेदी क़ानून पर ओआईसी की कड़ी प्रतिक्रिया

इस्लामी सहयोग संगठन ने ज़ायोनी शासन की संसद में यहूदी राज्य के नस्लभेदी क़ानून की मंज़ूरी को अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों का खुला उल्लंघन बताया है।

ओआईसी ने एक बयान जारी करके कहा है कि कनेसेट में यहूदी स्टेट के क़ानून की स्वीकृति, विश्व समुदाय की इच्छा और अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों व प्रस्तावों को ज़ायोनी शासन की ओर धता बताना है। बयान में इस क़ानून की मंज़ूरी को ज़ायोनी शासन की ओर से फ़िलिस्तीन के यहूदीकरण, फ़िलिस्तीनियों के जातीय सफ़ाए और फ़िलिस्तीनी राष्ट्र के अस्तित्व, पहचान, इतिहास और क़ानूनी अधिकारों की अनदेखी कहा गया है। इस्लामी सहयोग संगठन ने अपने बयान में कहा गया है कि संगठन बुधवार को इस क़ानून के संबंध में एकजुट नीति अपनाने के लिए एक बैठक आयोजित करेगा।

ज्ञात रहे कि ज़ायोनी शासन की संसद ने 19 जुलाई को फ़िलिस्तीनी जनता और विश्व समुदाय के कड़े विरोध के बावजूद यहूदी राज्य के नस्लभेदी क़ानून को मंज़ूरी दी थी। यह क़ानून, फ़िलिस्तीन को ज़ायोनियों की धरती बताता है और फ़िलिस्तीनियों को सभी नागरिक व मानवीय अधिकारों से वंचित करता है। यह क़ानून अमरीका के “डील आॅफ़ द सेंचरी” नामक षड्यंत्र का एक भाग समझा जाता है।