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विश्व बिरादरी में अलग-थलग पड़ने के डर से चीन की ओर झुक रहा पाकिस्तान

अमेरिका के एक शीर्ष खुफिया अधिकारी ने अपने एक बयान में कहा है कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने बढ़ते अलगाव और भारत-अमेरिकी संबंधों के प्रगाढ़ होने व भारत के बढ़ते प्रभाव की स्थिति को ध्यान में रखते हुए पूरी तरह से चीन की तरफ झुक सकता है. राष्ट्रीय खुफिया निदेशक डेनियल कोट्स ने कहा की पाकिस्तान अपने अंतरराष्ट्रीय अलगाव को लेकर चिंतित है और अपनी स्थिति को भारत के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दर्जे के चश्मे से देख रहा है.

कोट्स ने सेनेट की शस्त्र सेवा समिति के सदस्यों से मंगलवार को कहा की पाकिस्तान अपने अलगाव को कम करने के लिए चीन की ओर झुकाव बढ़ा सकता है. इस साझेदारी को मजबूत करने से पेइचिंग को हिंद महासागर में प्रभाव बढ़ाने में मदद मिलेगी. अमेरिका के मुताबिक पाकिस्तान चीनी हथियारों के सबसे बड़े खरीदारों में से एक है. उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान आतंकवादियों और चरमपंथियों पर अंकुश लगाने में विफल रहा है.

अपने बयान में कोट्स ने कहा कि पाकिस्तान स्थित आतंकी समूह क्षेत्र में अमेरिकी हितों के लिए भी चुनौती खड़ी करेंगे. कोट्स के मुताबिक ये आतंकी समूह अफगानिस्तान और भारत पर भी लगातार हमले करते रहेंगे. कोट्स ने कहा की पाकिस्तान स्थित आतंकी समूहों से अमेरिका और पश्चिम देशों को खतरा बना रहेगा पर लेकिन इसे खत्म किया जाएगा. हालांकि यह उम्मीद भी जताई है कि पाकिस्तान शायद अपनी आंतरिक सुरक्षा करने में सफल रहेगा.

कोट्स ने कहा कि चीन-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर आतंकियों के लिए नया लक्ष्य होगा. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि पाकिस्तान की आतंरिक सुरक्षा के लिए तहरीक-ए-तालिबान, जमात-उल-अहरर, भारतीय उपमहाद्वीप में अल कायदा, आइएसआइएस, लश्कर ए झांगवी जैसे आतंकी संगठन खतरा बढ़ाएंगे . उन्होंने स्पष्ट कहा कि पाकिस्तान अपनी जमीन से भारत विरोधी गतिविधियों पर लगाम लगाने में असफल साबित हुआ है. पठानकोट हमले की जांच में कोई प्रगति नहीं होने जैसी तमाम वजहों से दोनों देश के संबंधों में गिरावट देखने को मिली है.