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यह हैं रमज़ान के रोज़ो की अहमियत. यहाँ मुस्लिम लोगो के अलावा गैर-मुस्लिम और नास्तिक भी रखते हैं रोज़ा

रमज़ान का नाम आते ही दिमाग में मुस्लिम चेहरे आने लगते हैं, लेकिन आइये आपको मिलवाते आज कुछ ऐसे लोगो से जो गैर-मुस्लिम होने के बावजूद रमज़ान के पूरे महीने के रोज़े रखते है. बात करने जा रहे हैं ऐसे देश की जहां सबसे ज़्यादा धर्मो के मानने वाले नागरिक हैं.

भारत, जहाँ के लोग अलग-अलग मजहबों का सम्मान करते हैं और एक-दूसरे के त्यौहारों में शामिल होकर खुशियां मनाते हैं, यहाँ पर कुछ ऐसे गैर-मुस्लिम लोग रहते हैं जो सालो से रमजान के रोज़े रखते चले आ रहे हैं.

आइये आपको दिखते है उनकी तस्वीरें

1-अमरेंद्र बागी

भारत के राज्य बिहार की राजधानी में रहने वाले अमरेंद्र बागी पिछले २० वर्षो से रोज़े रख रहे हैं, पेशे से वकील और भारत में एक बड़ी पार्टी के नेता हैं. इनका कहना है कि मैं पहले नास्तिक था लेकिन ९० के दशक में मेरे साथ कुछ ऐसा हादसा हुआ कि मुझको सूफी-संत की दहलीज़ पर जाना पड़ा. जिसके बाद सभी धर्मो के त्यौहार में शामिल होने लगा. बागी ने कहा कि देश में हिंदू-मुस्लिम-सिख-ईसाई अगर मिलकर एक दूसरे के त्यौहार मनाएं तो आपस में किसी तरह का मतभेद होना ही मुमकिन नहीं हैं.

2-प्रभात जोसफ ठाकुर

वेस्ट बंगाल के अंसल आसनसोल में रहने वाले प्रभात जोसेफ ठाकुर ईसाई हैं और पेशे से रियल स्टेट बिजनेसमैन हैं. प्रभात का कहना है कि मैं अपने दोस्तों को देख कर रोज़े रखने लगा.रोजा रखने से शांति मिलती है, मन में अच्छे विचार आते हैं और शरीर भी तंदुरुस्त रहता है.

3-मेघनाथ

भारत के झारखण्ड प्रान्त के रांची में रहने वाले सोशल मीडिया एक्टिविस्ट और डाक्यूमेंट्री में अवार्ड जीत चुके मेघनत का कहना है कि. मैं नास्तिक हूँ लेकिन पिछले कई वर्षो से मैं रमज़ान के महीने में रोज़ा रखता हु. मेरे पिताजी की बचपन में कही बातें आज भी याद है, मैंने बचपन में इस्लाम के बारे में जो थोड़ा-बहुत मैंने सीखा था जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी में जाकर इस्लाम को और गहराई से जाना और फिर इस्लाम को समझने की कोशिश में मैं रोजा रखने लगा.

4- प्रोफेसर सच्चिदानंद सिंह साथी

एक रिटायर्ड प्रोफेसर. इस वक़्त इनकी आयु ८५ वार्स की है, और यह प्रोफेसर १९८५ से रमज़ान के सिर्फ आखिरी शुक्रवार को रोज़ा रखते चले आ रहे हैं. इन्होंने बताया कि मेरे एक मित्र ने मुझे कुरान शरीफ तोहफे में दी इसके बाद जब वह हज से लौटा तो मुझको एक टोपी लाकेर दी जिसके बाद ही मेरे मन रोज़ा रखने का भाव पैदा हो गया.

Web-Title: Ramadan fasting not only for Muslim

Key-Words: Ramadan, fasting, Muslim, non-Muslim