SOURCE: ARAB NEWS

जेद्दाद: आतंकवादियों, कट्टरपंथियों और राजनीतिक एजेंडे वाले लोगों को धर्म का शोषण करने और धार्मिक ग्रंथों को विकृत करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, बल्कि उनका डटकर सामना करना चाहए. अरब न्यूज़ के मुताबिक, मुस्लिम विश्व लीग (एमडब्ल्यूएल) के महासचिव मोहम्मद बिन अब्दुल करीम अल-इसा ने वाशिंगटन में वाशिंगटन इंस्टीट्यूट फॉर नॉर ईस्ट स्टडीज द्वारा गुरुवार को आयोजित एक समारोह में एक भाषण में कहा इन मुद्दों पर खुलकर बातचीत करनी चाहए ताकि इनका सही ढंग से सामना किया जा सकें.

मुस्लिम विश्व लीग (एमडब्ल्यूएल) के महासचिव मोहम्मद बिन अब्दुल करीम अल-इसा के साथ वाशिंगटन इंस्टीट्यूट के कार्यकारी निदेशक रॉबर्ट सैटलॉफ में एक पैनल पर शामिल हो गए जहां हिंसक अतिवाद और कट्टरपंथ का मुकाबला करने के लिए उनसे “आंतंकवाद” और “कट्टरपंथ” निपटने के कुछ उपाय पूछे गये.

अरब न्यूज़ के मुताबिक, जब अल-इसा से इस बारे में पूछा गया कि क्या वह “मॉडरेट इस्लाम” की धारणा से सहमत हैं, तो अल-इसा ने कहा कि यह स्वीकार करना महत्वपूर्ण है कि कट्टरपंथ मुस्लिम हैं जिन्होंने सच्चे इस्लाम की तस्वीर को गलत तरीके से पेश करने में लगे है. उन्होंने कहा कि हमें “इस्लामोफोबिया” समेत सभी “कट्टरपंथ” विचारधाराओं का सामना करना चाहिए.

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि देश इस्लामोफोबिया फैलाने में सबसे बड़ा हाथ दाईश का है क्योंकि इससे इसे अधिक अनुयायियों की भर्ती करने की अनुमति मिलती है. उन्होंने यह भी कहा कि इस्लाम स्पष्ट रूप से इस तरह की गतिविधियों को रोकता है.

 

न्यूज़ अरेबिया एकमात्र न्यूज़ पोर्टल है जो अरब देशों में रह रहे भारतीयों से सम्बंधित हर एक खबर आप तक पहुंचाता है इसे अधिक बेहतर बनाने के लिए डोनेट करें
डोनेशन देने से पहले इस link पर क्लिक करके पढ़ें Click Here

वर्ल्ड न्यूज़ अरेबिया का यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब करें :-


आज की पसंदीदा ख़बरें
Loading...

शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here