पिछले कुछ दिन पहले सीरिया में नागरिकों पर एक संदिग्ध कैमिकल हमला किया गया, जिसके बाद पुरे विश्व के नेताओं ने सीरिया में हुए कैमिकल हमलों की निंदा की, कई नेताओं ने इस हमले का जिम्मेदार असद को माना और कहा की “असद का रासायनिक हथियारों का उपयोग करने का रिकॉर्ड है, वहीं डोनाल्ड ट्रम्प ने इस हमले के बाद असद को जानवर कहा था.”

सऊदी अरब देता है अमेरिका को समर्थन 

सीरिया में हुए कैमिकल हमलों के बाद  ट्रम्प ने इस हमले के खिलाफ एक्शन लेने का निर्णय किया और सीरिया में 100 से उपर मिसाइल दागी, ट्रम्प के मिसाइल कार्यवाही में फ़्रांस और ब्रिटेन ने अमेरिका का साथ दिया.

अमेरिका के सीरिया में मिसाइल दागने के बाद सऊदी अरब ने अमेरिकी सरकार की तरफ अपना समर्थन दिया और कहा की “यह हमले शासन द्वारा किये गए नागरिकों के खिलाफ के हमलों का जवाब है.” और कहा की “अमेरिका नेतृत्व वाले हमलों के लिए वह अपना पूर्ण समर्थन देते हैं.”

सीरिया के नागरिकों के साथ हुए अत्याचार का है जवाब 

विदेश मंत्रालय के बयान में यह भी कहा गया है की सऊदी अरब सीरिया के खिलाफ संयुक्त राज्य अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन द्वारा शुरू किए गए हमलों का पूरी तरह से समर्थन करता है क्योंकि यह मिसाइल हमले सीरिया में हुई नागरिकों के साथ अत्याचार का जवाब है.”

बयान में कहा गया की “सीरिया के शासन ने निर्दोष नागरिकों के खिलाफ रासायनिक हथियारों का उपयोग किया है, जिसमे मासूम बच्चे और महिलाएं भी शामिल थी.”

पेरिस में है सबूत 

सऊदी गैजेट के अनुसार संयुक्त राज्य अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने कहा है कि उन्होंने दमिश्क के पास पूर्व विद्रोही शहर डौमा पर एक रासायनिक हमले के जवाब में हमलों की शुरुआत की थी और मिसाइल के अलावा कोई और विकल्प नहीं था.

फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रॉन ने कहा है कि पेरिस में “सबूत” है कि सीरिया के शासन ने रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया है.

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