Home अरब देश नास्तिक को सऊदी अरब ने सुनाई मौत की सजा

नास्तिक को सऊदी अरब ने सुनाई मौत की सजा

सऊदी अरब में एक व्यक्ति को धर्म त्याग करने के आरोप में मौत की सजा सुनाई गयी है. इस व्यक्ति ने सजा के खिलाफ दो अपीलें भी की थीं जो ख़ारिज कर दी गयीं.

स्थानीय मीडिया के अनुसार, हफर-अल-बतीन के रहने वाले 20 वर्षीय अहमद-अल-शमरी पर अधिकारियों की नज़र 2014 में पड़ी थी. शमरी ने तथाकथित रूप से सोशल मीडिया पर पैगम्बर मुहम्मद और इस्लाम के खिलाफ एक विडियो शेयर की थी.

शमरी को नास्तिकता और ईशनिंदा के आरोप में गिरफ्तार किया गया. स्थानीय अदालत ने शमरी को फ़रवरी 2015 में मौत की सजा सुनाई. इस दौरान शमरी को जेल में ही रखा गया. उस समय शमरी के बचाव पक्ष ने पागलपन की दलील दी और कहा कि विडियो बनाते समय शमरी ड्रग्स और अल्कोहल के प्रभाव में था. शमरी इस अपील को हार चुका है और सर्वोच्च अदालत ने इसी हफ्ते शमरी के खिलाफ फैसला सुनाया है.

ज्ञात हो कि ह्यूमन राइट्स वाच की रिपोर्ट के अनुसार, 2014 में किंग अब्दुल्लाह द्वारा नास्तिकों को आतंकवादियों के रूप में परिभाषित किये जाने के बाद से सऊदी अरब के कड़े धार्मिक कानूनों के तहत इस्लाम छोड़ने पर कठोर जेल या शारीरिक दंड की सजा दी जा सकती है.

पिछले साल भी सोशल मीडिया पर सैकड़ों पोस्ट्स में नास्तिकता व्यक्त करने पर एक व्यक्ति को 10 साल की जेल और 2000 कोड़े मारने की सजा सुनाई गयी थी. शमरी का नाम और नगर पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर बहुत चर्चित हो रहे हैं. शमरी को सजा सुनाये जाने पर सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने ख़ुशी भी व्यक्त की है.

एक व्यक्ति ने लिखा कि यदि आप नास्तिक हैं तो ठीक है, लेकिन अगर आप यही बात लोगों के सामने बोलते हैं और ईश्वर की निंदा करते हैं तो आपको सजा ज़रूर दी जाएगी. एक और व्यक्ति ने लिखा कि मैं चाहता हूँ कि जब इस व्यक्ति का सिर काटा जाये तो इसकी सजा की लाइव स्ट्रीमिंग हो.

अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दलों ने सऊदी अरब के मानवाधिकारों की लगातार निंदा की है.