Home अरब देश सऊदी अरब अपने देश से बाहर निकालेगा 10 लाख प्रवासी

सऊदी अरब अपने देश से बाहर निकालेगा 10 लाख प्रवासी

रियाध: जनरल डायरेक्टर ऑफ़ पासपोर्ट और श्रम एवं सामाजिक विकास मंत्रालय के अनुसार, अवैध रूप से सऊदी अरब में रह रहे प्रवासियों को उनके देश वापस भेजने के अभियान के नतीजे बहुत सकारात्मक देखने को मिल रहे हैं. इस अभियान के ख़त्म होने में में अभी 70 दिन बाकी हैं.

इस अभियान के ज़रिये सऊदी अरब प्रशासन वहां रह रहे प्रवासी, जिनके वीज़ा की अवधि ख़त्म हो चुकी है, को बिना किसी जुर्माने या सजा के वापस उनके देश भेज रहा है. इन प्रवासियों को एग्जिट फिंगरप्रिंट के नियम से भी छूट दी गयी है. इससे उन्हें बाद में कानूनी तौर पर सऊदी अरब में दोबारा प्रवेश करने या वापस आने में भी मदद मिलेगी.

इस अभियान ‘ए नेशन विदाउट वॉयलेटर्स’ से 19 सरकारी संस्थाएं जुड़ी हुई हैं. ये संस्थाएं कम से कम 1 मिलियन यानि 10 लाख लोगों को इन तीन महीनों के भीतर देश छोड़ने में मदद करेंगी. ये लोग अवैध प्रवासी की श्रेणी में आते हैं. 4 साल पहले शुरू किये गए इस अभियान ने 5.5 मिलियन यानि 55 लाख अवैध प्रवासियों की देश छोड़ने में मदद की है.

जनरल डायरेक्टरेट ऑफ़ पासपोर्ट ने अपने ट्विटर अकाउंट के ज़रिये उर्दू, अंग्रेजी, इन्डोनेशियन, अरबी और अन्य भाषाओँ में ट्वीट करके बताया कि 29 मार्च को शुरू किये गए इस अभियान का लाभ कैसे उठाएं.

इस अभियान में लाखों की संख्या में लोग पहुंचे हैं, तकरीबन 13 प्रान्तों में 80 स्थानों पर 13 मामले प्रतिदिन के हिसाब से आ रहे हैं. रियाध में 10, कुँसिमोड़ो में 7, मक्का में 12, अल-बाब में 2, असीर में 3, मदीना और उत्तरी सीमावर्ती इलाके में 4-4, जजान में 2, हेल में 3, नजरान में 5, अल-जौदेह में 4, ताबुक में 6 और पूर्वी प्रांत में 16 स्थान बनाये गए हैं जहाँ ऐसे प्रवासी संपर्क कर सकते हैं.

आंतरिक प्रवक्ता मेजर जनरल मंसूर अल-टर्की ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों के साथ संयुक्त निरीक्षण के माध्यम से अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न सरकारी एजेंसियां ​​एक साथ काम कर रही हैं. कसीम में श्रम और सामाजिक विकास मंत्रालय की शाखा के जनरल डायरेक्टर तुर्की अल-माने ने कहा कि अभियान के ज़रिये कम से कम 10 लाख उल्लंघनकर्ता देश से बाहर भेजे जायेंगे.

उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में यह अपने राज्य का दूसरा अभियान है. इसी अभियान को पहली बार 2013 में ऐसे अवैध निवासियों के लिए अलग-अलग नौकरियों में काम करने वाले एक्सपेट्स को लक्षित करके लॉन्च किया गया था, जिनके वीज़ा की या वर्क परमिट की अवधि ख़त्म हो गयी थी. उस समय करीब 30 लाख अवैध प्रवासियों को बाहर भेजा गया था.

उन्होंने कहा कि ये अभियान कंपनियों और प्रतिष्ठानों की अर्थव्यवस्थाओं को पुनर्जीवित करेगा और छोटे व्यवसायों और परियोजनाओं की गैरकानूनी व्यापारियों से रक्षा करेगा, साथ ही बेरोजगारी की दरें भी कम होंगी और एक सुरक्षित आर्थिक और सामाजिक वातावरण बनायेगा.

एआर रस्स के पासपोर्ट के महानिदेशक मोहम्मद अल-सईघ ने रविवार को कहा कि यह छूट तीन महीने की अनुग्रह अवधि के दौरान जुर्माना और अन्य दंड पर लागू होती है, साथ ही निर्वासित उल्लंघनकर्ताओं को उंगलियों के निशान के नियम से भी छूट मिलती है. उन्होंने कहा कि बहुत से ऐसे प्रवासी इस नियम के चलते सरलता से देश छोड़ गए हैं.

सार्वजनिक सुरक्षा के समन्वय में श्रम मंत्रालय ने हाल ही में सऊदी बाज़ार में भर्ती कंपनियों के साथ अभियान में उनकी भूमिकाओं पर चर्चा करने के लिए एक बैठक आयोजित की. मंत्रालय के उप निदेशक अदनान अल-नैम ने कहा कि सऊदी बाज़ार में भर्ती कंपनियों ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. ऐसी 30 कंपनियां हैं और पूरे राज्य में 440 कार्यालय हैं. इन कंपनियों का 70 प्रतिशत राष्ट्रीयकरण दर और उल्लंघन की बहुत कम दर है.

क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन नाइएफ ने उल्लंघनकर्ताओं से आग्रह किया कि उन्हें आवंटित अनुग्रह अवधि के दौरान मिले अवसर का लाभ उठाएं, और सभी इस अभियान के लक्ष्य को हासिल करने में सहयोग करें.
उन्होंने इस अवधि के दौरान उल्लंघनकर्ताओं के अपने देश वापस लौटने की सुविधा प्रदान करने और उनके जाने को सरल बनाने और जुर्माने से छूट दिए जाने का निर्देश दिया.