Home अरब देश ऊंचाई पर रहने वालो को रोज़ा खोलने के लिए करना पड़ेगा इन्तिज़ार

ऊंचाई पर रहने वालो को रोज़ा खोलने के लिए करना पड़ेगा इन्तिज़ार

सऊदी अरब में ऊंची इमारतों की तादात बहुत अधिक जिसके चलते रमज़ान के दिनों में रोज़ा खोलना या इफ्तार करने के वक़्त को लेकर काफी गुफ्तगू चलती रहती हैं. दरअसल ऊंचाई पर रहने वालो लोगो के लिए सूरज जल्दी गुरूब हो जाता हैं वही नीचे कि मंज़िल पर रहने वालो के लिए सूरज देर में गुरूब होता हैं.

जिसके बाद ज़्यादातर सभी इस्लामिक विद्वानों का मानना है कि रोज़ा खोलने या तोडने में ज़्यादा वक़्त का अंतर नहीं हैं जो वक़्त ऊंचाई पर रहने वालो के लिए मुक़र्रर हैं वही नीचे वाले लोगो के लिए तय किया गया है, दोनों के बीच बहुत ना के बराबर फ़र्क़ हैं.

एक लोकल रिपोर्टर ने जब इस मसले पर उच्च न्यायशास्त्र के प्रोफेसर और ग्रैंड मस्जिद के अध्यापक फहद बिन साद अल-जहनी से सवाल किया तो उन्होंने बताया कि, जो लोग ऊँची इमारतों पर रहते है उनके लिए चाहिए कि वह सूरज ढलने के बाद इफ्तार कर ले.

अल-जहनी ने बताया कि “जो लोग 70 मंज़िल या उससे निचे की मंज़िलो पर रहते हैं, उनके लिए जो मगरिब का वक़्त मुक़र्रर हैं उनको उसी वक़्त के मुताबिक अपना रोज़ा खोलना हैं, और जो लोग 80 से 150 मंज़िल के बीच में रहते हैं उनको चाहिए कि वह मगरिब के मुक़र्रर के वक़्त के दो मं बाद इफ्तार करे और जो लोग 150 मंज़िल के ऊपर हैं वह मगरिब के कम से कम तीन मिनट के बाद रोज़ा तोड़े”.

Web-Title: Wait for breaking fast

Key-Words: Saudi, Arab, Tower, High, magrib, sunset