Home अरब देश बहरीन और फ्रांस के संबंधों में आई खटास

बहरीन और फ्रांस के संबंधों में आई खटास

बहरीन में फ्रांस के राजदूत सेसेल लोंग ने 14 जून को अपने ट्वीटर हैंडल पर लिखाः “बहरीन में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और राजनीतिक विरोधियों पर बहरीन में किए जाने वाले व्यवहार पर गंभीर चिंता व्यक्त करता है।” सेसेल ने नबील रजब को पाँच साल की सज़ा सुनाए जाने की विशेष रूप से निंदा की।

इसी प्रकार उन्होंने कुछ पश्चिमी राजनयिकों को सामने कहाः “आले खलीफ़ा खानदान इस्राईल को बहुत तेज़ी से अपने करीब कर रहा है, ताकि इस प्रकार विरोधियों के दमन के रास्तों को जानने क साथ ही अमरीका और सऊदी अरब का असीमित समर्थन भी प्राप्त कर सके। हम नबील रजब की स्थिति को अनदेखा नहीं कर सकते हैं क्योंकि यह चीज़ फ्रांस के सम्मान और यूरोप की आज़ाद प्रवृति के विरुद्ध है। नबील का जुर्म यह है कि उन्होंने सऊदी गठबंधन और यमन के विरुद्ध युद्ध की निंदा की है और जेल अधिकारियों पर प्रतड़ना देने का आरोप लगाया है। इसी चीज़ और बहरीनी नागरिकों के लिए नागरिकता के मूलभूत अधिकारियों के न होने के कारण उनको नवम्बर 2018 में पाँच साल की सज़ा सुना दी गई।”

फ्रांस के राजदूत के ट्वीट के बाद, पेरिस शहर परिषद ने सोमवार को नबील रजब को मानद नागरिक सम्मान दिया। दो राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि बहरीन ने 22 जून 2018 को एक दूत फ्रांस भेजा है ताकि फ्रांस के राजदूत और पेरिस नगरपालिका के कदम पर अपना विरोध जता सके।

फ्रांस के इस कार्य के कारण बहरीन शासन ने इस देश के राजा की जूलाई के अंत में होने वाली फ्रांस यात्रा पर दोबारा विचार करने की बात कही है।

इन दोनों राजनयिकों में से एक ने कहाः बहरीन ने फ्रांस को सूचित किया है कि बादशाह के एक करीबी की मौत के कारण यह यात्र रद्द हो गई है, लेकिन सुनने में आया है कि बहरीन के बादशाह फ्रांस के इस कदम से बहुत क्रोधित हैं, और इस व्यवहार के जारी रहने को बहरीन सरकार के लिए नुकसानदेह मानते हैं।

फ्रांस के राष्ट्रपति कार्यालय ने एक बारे में कुछ भी नहीं कहा है लेकिन फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह अपने राजदूत के ट्वीट की पुष्टि करते हैं।