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सऊदी अरब में कोई रासा मस्जिद नहीं हैं जिसका सम्बन्ध शिवलिंग से हो…क्या हैं सच्चाई पढ़िए यहाँ

हाल ही में सोशल मीडिया और न्यूज़ वेबसाइट पर सऊदी अरब की एक पुरानी मस्जिद को शिवलिंग और नंदी के नाम से जोड़ा जा रहा था, और दिलचस्प हैडिंग बना कर उसको सोशल मीडिया के माध्यम से खूब वायरल किया जा रहा था, वो भी उस पोस्ट को जिसका सच्चाई से कोई सम्बन्ध ना था. हालाँकि न्यूज़ वेबसाइट पर इसकी वास्तविकता को भी बताया जा रहा था लेकिन सबसे आखिर में, और यदि पढ़ने वाला व्यक्ति पूरी रिपोर्ट ना पढ़े तो इस पोस्ट को सच मान बैठे.

सोशल मीडिया के माध्यम से एक फेक तस्वीर को वायरल किया गया जिस तस्वीर पर के साथ ये लिखा गया था कि ये सऊदी अरब की सबसे पुरानी मस्जिद है और इसके ऊपरी हिस्से में शिवलिंग और नंदी की प्रतिमा देखने को मिलती हैं. आपको बता दे कि सऊदी अरब में इस नाम की कोई पुरानी मस्जिद नहीं हैं. यहाँ कि सबसे पुरानी मस्जिद मक्का मस्जिद और मस्जिद ए कूबा हैं.

ये तस्वीर भारत के पुनीत शर्मा नाम के एक व्यक्ति ने अपनी वॉल पर पोस्ट किया, जिसको देश के प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी भी फोलोव करते हैं. पुनीत शर्मा का दावा है कि तस्वीर में दिख रही इमारत अरब की ‘सबसे पुरानी’ मस्जिद है जिसका नाम है ‘रासा’ कुछ और भी दावे हैं, आप वे सभी इनके कैप्शन में देख सकते हैं जिसमें लिखा है,

“Raasa is the oldest mosque in Arab. Zoom in and see, u can find Shiv Linga and Nandi Ji.” ।। हर हर हर महादेव ।।’ यानी ‘रासा अरब में सबसे पुरानी मस्जिद है. ज़ूम (यानी तस्वीर का आकार बढ़ाना) करिए और देखिए, आप शिवलिंग और नंदी जी को देख सकते हैं.’

कुछ और भी पोस्ट हैं जो यही दावा करती नज़र आती हैं. फ़ेसबुक और वॉट्सऐप जैसे प्लैटफ़ॉर्म्स पर भी यह तस्वीर शेयर की जा रही है. देखें…

पुनीत द्वारा पोस्ट की गयी इस तस्वीर का सऊदी अरब से कोई नाता नहीं हैं, यहाँ न तो रासा नाम की कोई मस्जिद हैं न ही कोई ऐसी ईमारत. यहाँ की जो सबसे पुरानी मस्जिद हैं वो मस्जिद अल-हरम और मस्जिद कूबा हैं.