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बुरे लोग होते हैं, धर्म नहीं, साबित किया एक मुस्लिम ब्लॉगर और मेनचेस्टर के लोगों ने

कोई धर्म-मज़हब बुरा नहीं होता, बुरे होते हैं वो लोग जो धर्म के नाम पर गलत करते हैं. किसी एक के बुरे हो जाने से पूरा धर्म बुरा नहीं हो जाता. ऐसा ही कुछ साबित करने की कोशिश की एक मुस्लिम ब्लॉगर ने और इस नेक काम में कुछ ही दिन पहले आतंकवाद की ताज़ी चोट खाए मेनचेस्टर के बाशिंदों ने उनका साथ देकर ये साबित कर दिया कि दुनिया उतनी बुरी भी नहीं है, अभी नेकी और विश्वास जिंदा हैं.

ब्रिटेन के मैनचेस्टर में गत 22 मई को हुए आतंकी हमले के बाद लोगों के मन में बात जानने के लिए मैनचेस्टर के ही एक मुस्लिम ब्लॉगर बक्ताश नूरी ने एक अनूठा प्रयोग किया. कट्टर इस्लामिक आतंकवाद से प्रेरित सलमान आबिदी नाम के एक युवक ने इस घटना को अंजाम दिया था जिसमें 22 लोगों की मौत और 60 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे.

यू-ट्यूब के ब्लॉगर नूरी सड़क किनारे आंख पर पट्टी बांधकर खड़े हो गए. उन्होंने पास ही एक तख्ती रख ली जिस पर लिखा था ‘मैं मुसलमान हूं, क्या आप लोग मुझ पर भरोसा कर सकते हैं? अगर आपको मुझ पर भरोसा है तो मुझे एक बार गले लगाएं.’

दिल को छू लेने वाले इस सोशल प्रयोग को सड़क के दूसरी तरफ रिकॉर्ड किया जा रहा था, जिसका वीडियो नूरी ने यू-ट्यूब पर पोस्ट किया है. नूरी के मुताबिक इस सवाल के बदले में उन्हें लोगों से बहुत प्यारा जवाब मिला. कई लोगों ने उन्हें गला लगाकर कहा कि ‘बिल्कुल, हम सब एक हैं और हमारे बीच का प्यार भरा रिश्ता हमेशा कायम रहेगा.

एक महिला ने उनसे कहा,‘हां बिल्कुल, सिर्फ मैं ही नहीं, ये पूरा देश तुम पर भरोसा करता है.’ एक बुजुर्ग व्यक्ति ने नूरी को गले लगाकर उनके कान में कहा, ‘बेटा, चिंता मत करना और अपने आपको कभी अकेला मत समझना. ये देश तुम्हारा है, इसलिए खुद को कभी बाहरी देश का मत समझना’.