‘अल्लाह का फैसला ही सबसे बड़ा फैसला हैं, हम इसमें बदलाव नहीं स्वीकार कर सकते’

    नाइजीरिया के एक प्रमुख मुस्लिम धर्मगुरु ने लैंगिक समानता के बिल को ख़ारिज कर दिया हैं.इस बिल में पुरुषों और महिलाओं को एक समान अधिकार देने का प्रस्ताव रखा गया. नाइजीरिया के सोकोतो के सुल्तान मोहम्मद साद अबुबकर ने कहा कि इस्लामिक नियम के मुताबिक़ पुरुषों को जो अधिक अधिकार दिए गए हैं, उसमे हम बदलाव स्वीकार नहीं करेगे.

    वही दूसरी ओर नाइजीरिया के प्रमुख ईसाई समूह ने इस बिल का स्वागत किया है. इसके साथ ही महिलाओं के लिए लड़ने वाले कार्यकर्ताओं ने भी इस बिल को आगे बढ़ाया हैं. आपको बता दे कि नाइजीरिया में लोग धार्मिक अत्यधिक हैं और यहाँ ईसाई और मुसलमान दोनों सामान अनुपात में हैं.

    बीबीसी न्यूज़ के अनुसार इस बिल पर इंकार करते हुए एक सम्मलेन के दौरान धर्मगुरु ”हमारा धर्म ही जीवन जीने की पूरी राह है. अल्लाह ने हमें जो करने की अनुमति दी है उसमें कोई बदलाव स्वीकार नहीं किया जाएगा. इस्लाम शांतिपूर्ण धर्म है. हम लोग ईसाइयों के साथ मिलजुलकर रहते हैं. इसके साथ अन्य धर्मावलंबी भी मिलकर रहते हैं. ऐसे में हमें अपने धर्म के मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए.”

    वही नाइजीरिया के सांसदों का कहना हैं कि वो इस बिल पर कोई फैसला करने से पहले लोगो से राय करेगे.

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