Home मिडिल ईस्ट सीरिया में हुए रासायनिक हमले में हुआ बड़ा खुलासा

सीरिया में हुए रासायनिक हमले में हुआ बड़ा खुलासा

अमरीका की नई सरकार को अपने सहयोगी देशों के साथ सीरिया पर हमला करने के लिए रासायनिक हथियारों के अलावा कोई और बहाना नहीं मिला है। अमरीका अब आतंकवादियों के माध्यम से लड़ाई के बजाय खुद युद्ध लड़ना चाहता है।
बशार जाफ़री ने बुधवार को अपने बयान में कहा: यूरोपीय संघ से निकलने के बाद इंग्लैंड, द्वारा रोक को अदा करने की जल्दबाज़ी ने इस देश को सीरिया के विरुद्ध कट्टरपंधी और तर्क से दूर बाते कहने पर मजबूर कर दिया है।

सीरिया के प्रतिनिधि ने सीरिया स्थिति की समीक्षा बैठक में कहा: इराक पर हमले से पहले कालीन पावेल बातें याद हैं जिसमें वह इराक में सामूहिक विनाश के हथियारों की मौजूदगी के बारे में कहा करते थे। हालांकि अवलोकन समिति प्रमुखों ने कहा “इराक में कोई सामूहिक विनाश वाला हथियार नहीं है”।

सीरिया की सरकारी न्यूज़ एजेंसी “साना” की रिपोर्ट के अनुसार बशार जाफरी ने कहाः लगता है कि इंग्लैंड यूरोपीय संघ से निकलने के बाद किसी नए लक्ष्य के पीछे था, और इसके लिए उसने कट्टरपंथी बातें करने का रास्ता चुन लिया है।

उन्होंने कहा कि हमने पहले भी इराक़ पर हमले में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के अत्याचारों को देख चुके हैं

उन्होंने कहा: एक सप्ताह पहले तक मैं समझता था कि सुरक्षा परिषद की बैठक में जनेवा और अस्ताना बैठकों से प्राप्त होने वाले नतीजों के बारे में बात की जाएगी, लेकिन अमेरिका ने सामूहिक विनाश के हथियारों की कहानी से अपना ख़ूनी खेल खेलना शुरू कर दिया है।

उन्होंने कहा: अमेरिका ने सीरिया में आतंकवादियों को हर प्रकार की मदद करने की आदत बना ली है।

जाफरी के कहा कि सीरिया मे सशस्त्र आतंकवादियों का समर्थन केवल अमरीकी गठबंधन वाले देश ही नहीं कर रहे हैं, इस्राईल आतंकवादियों के समर्थन में सबसे आगे रहा है और उनके घायलों का अपने अस्पतालों में इलाज करता रहा है और उनको हवाई मदद पहुँचाता रहा है।

बशार जाफरी ने कहा: अमेरिका ने जब देखा कि उनके समर्थित आतंकवादी हारने वाले हैं तो उसने अशईरात सैन्य अड्डे पर हमला कर दिया है।

उन्होंने कहा: हम ने जो पत्र संयुक्त राष्ट्र को भेजे हैं उनमें से कुछ में तुर्की से सीरिया सरीन गैस की तस्करी की बात कही है। और इसी तरह रिपोर्ट मौजूद हैं जिनसे पता चलता है कि क़तर, सीरिया में मौजूद आतंकवादियों का वित्तपोषण कर रहा है ताकि वह रासायनिक हथियारों का उपयोग कर सकें।

उन्होंने कहाः अमरीका की नई सरकार को अपने सहयोगी देशों के साथ सीरिया पर हमला करने के लिए रासायनिक हथियारों के अलावा कोई और बहाना नहीं मिला है।

संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद की बैठक में सीरिया के प्रतिनिधि बशार जाफरी ने कहा है कि: अमेरिका अब आतंकवादियों के माध्यम से लड़ाई के बजाय खुद युद्ध लड़ना चाहता है।

उन्होंने कहा कि अमरीकी के अलावा इस्राईल भी सीधे तौर से सीरिया में सक्रिय आतंकवादियों की सहायता कर रहा है।