Home मिडिल ईस्ट साउथ अफ्रीका में मनाया गया फिलिस्तीनी गिरफ्तार लड़की का जन्मदिन

साउथ अफ्रीका में मनाया गया फिलिस्तीनी गिरफ्तार लड़की का जन्मदिन

source: Middle East Monitor

इसराइल की जेल में गिरफ्तार फिलिस्तीनी कार्यकर्ता अहद तमीमी आज 17 साल की हो चुकी है.

पिछले साल इसराइल के सैनिकों द्वारा गिरफ्तार हुई अहद तमीमी का 17वाँ जन्मदिन मनाने के लिए साउथ अफ्रीका के जोहन्सबर्ग में लोग एकत्रित हुए. तमीमी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजकों ने एक फोटो प्रदर्शनी लांच की, जो एक महीने तक जोहन्सबर्ग में लगायी जाएगी,ताकि साउथ अफ्रीका के लोग इस जश्न में डूबे रहे, इस जश्न को मना सकें और तमीमी की बहादुरी को देखते रहें.

अहद तमीमी को सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक विडियो के बाद गिरफ्तार किया गया, जिसमे अहद ने दो इस्राइली सैनिकों पर हमला किया, जिहोने तमीमी के घर पर कब्ज़ा कर दिया था.

साउथ अफ्रीका के कार्यकर्ताओं ने अहद तमीमी और सभी बच्चे जिन्हें इसराइल सैनिकों ने गिरफ्तार किया है, उन सब को रिहा करने कि मांग की.

फिलिस्तीन सॉलिडेरिटी अलायन्स के इस्माइल मूला ने बताया की “अहद को हमेशा दुनिया में आजादी के इस आन्दोलन के लिए याद रखा जायेगा.” यह हमें प्रेरणा दिलाता है की “कैसे एक 17 साल की निडर लड़की ने बिना किसी भय के अपने देश की आजादी के लिए इस्राइली सैनिकों का सामना किया.”

इस फोटो प्रदर्शनी में अन्य प्रदर्शनकारियों की तस्वीरें भी हैं, जिन्होंने इसराइल के खिलाफ विरोध किया है.

“तुर्की ने किया समर्थन” 

प्रदर्शनी के लांच होने पर, दक्षिण अफ्रीका में तुर्की के राजदूत एलिफ कॉमोग्लू उलगन ने फिलिस्तीन के साथ अपने देश की एकजुटता व्यक्त की. उन्होंने कहा की “तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगान के साथ तमीमी की तस्वीर तुर्की के लोगों के दिलों में उत्साह लाती है.”

उन्होंने कहा की “पिछले साल इजरायल की सेना ने मोहम्मद अल-तवेली को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के फैसले के खिलाफ हिरासत में लिया था, हालाँकि बाद में उन्हें अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद छोड़ दिया गय था. उन्होंने अहद-तमीमी को विशेष लड़की के रूप में वर्णित किया, जिसने 2012 में तुर्की के हैंडाला साहस पुरस्कार प्राप्त किया था जब वह केवल 13 वर्ष की थी.

उन्होंने कहा की  ”उन्हें राष्ट्रपति एर्दोगान ने उनके साहसी जागरूक रुख के लिए उनका स्वागत किया था,  उन्होंने कहा, आज  अहद तमीमी फिलिस्तीनी की पहचान बन गयी है.”

दूत ने कहा कि अमेरिका ‘इजरायल की राजधानी के रूप में येरूशलम को पहचानने का एकतरफा निर्णय ना केवल अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करता है, बल्कि ‘हमारी सभ्यता’ के खिलाफ भी है.

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