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मिस्र के राजदूत ने कहा कि मिस्र ने किया शत्रुओं के विरुद्ध प्रतिरोध

मिस्र के राजदूत उमर अबी ऐश ने अल्जीरिया में कहाः मिस्र ने विदेशी शैतान दुश्मनों और उनके नकारात्मक प्रभावों के विरुद्ध पिछले कुछ सालों में बेहतरीन प्रतिरोध दिखाया है।

उन्होंने ज़ोर दिया कि 30 जनवरी की घटनाएं मिस्री पहचान और सरकार को समाप्त करने देने के लिए की जाने वाली कोशिशों के विरुद्ध सेना की सहायता से एक वास्तविक क्रांति थी।

मिस्र के राजदूत ने अल्जीरिया के फ़्रांसीसी भाषा के एक बड़े समाचार पत्र “कूतदियान दौरान” को दिए साक्षात्कार में कहाः लीबिया के बारे में मिस्र, अल्जीरिया, और ट्यूनीशिया की तिर्कोणीय मंत्री स्तरीय बैठक की तैयारी की जा रही है।

इसी प्रकार उन्होंने ज़ोर दिया की इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि एक देश में एकता का होना देश को शक्तिशाली, ताक़तवर और अखंडित बनाता है।

उन्होंने कहाः मिस्र लीबिया के मुद्दे में रियासती और अंतरराष्ट्रीय संदर्भ में अल्जीरिया के साथ पूर्ण सामंजस्य में है। उनके अनुसार तिर्कोणीय बैठक और ट्यूनीशिया में पिछली फ़रवरी में आयोजित हुई हालिया वार्ता, लीबिया संकट के आंतरिक हल के रास्तों और उसको कार्यान्वयन करने वाले 4 स्वीकृत और आधारभूत मुद्दों का आधार और रास्ता तै करने वाले हैं।

मिस्र के राजदूत ने क़तर के अतिरिक्त ख़ाड़ी के देशों के साथ मिस्र के अच्छे संबंधों की तरफ़ इशारा किया और मिस्र के क़तर के साथ अच्छे संबंध न होने का कारण इस देश द्वारा मिस्र के विरुद्ध आतंकवाद के समर्थन को बताते हुए कहाः यह चीज़ कराण बनी है कि हम क़तर और उसकी राजनीतिक पर भऱोसा न करें।

उन्होंने कहाः क़तर ने मिस्र के विरुद्ध साज़िशों में बहुत बड़ा रोल अदा किया है। और अब भी उसके रुख़ में कोई बदलाव नहीं दिखाई दे रहा है, क्योंकि मिस्र के कहने के बावजूद वह अब भी आतंकवाद का समर्थन कर रहा है, इसके अतिरिक्त वह प्रयत्न कर रहा है कि आतकंवादियों को दूसरे देशों में भी पहुँचने में सहायता कर सके, और उनमें से कुछ आतंकवादियों को उसने मिस्र को प्रत्यारोपित करने के बजाए अपने देश में ही पनाह दे दी है।

उन्होंने इस बारे में आगे कहाः क़तर ने अलजज़ीरा चैनल का प्रयोग जाली फोटो के माध्यम से मिस्र की वीर सेना का अपमान करने में किया और लोगों को सेना के विरुद्ध करना चाहा, क्योंकि मिस्र की सेना दूसरे देशों की बिकी हुई सेना के बजाए केवल मिस्र की जनता का समर्थन करती है।