Home मिडिल ईस्ट ओआईसी बैठक के बाद एर्दोगान ने ईरानी राष्ट्रपति के साथ की बातचीत

ओआईसी बैठक के बाद एर्दोगान ने ईरानी राष्ट्रपति के साथ की बातचीत

बुधवार को इन्स्ताबुल में हुई ओआईसी बैठक जिसका मुख्या मुद्दा “जेरुसलम फिलिस्तीनियों का अधिकार” था, के बाद राष्ट्रपति एर्दोगान ने एक और बैठक ईरान के राष्ट्रपति हसन रोहानी व अन्य नेताओं के लिए आयोजित की. यह बैठक यिल्दिज़ मैबियन पैलेस में आयोजित की गई जो की ईरानी राष्ट्रपति के साथ 45 मिनट तक चलती रही.

एर्दोगान ने अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी से भी बात की जिनके लिए भी यिल्दिज़ मैबियन पैलेस स्थान चुना गया, तुर्की राष्ट्रपति के सूत्रों ने कहा की यह मीटिंग 30 मिनट  रही और सूडान के राष्ट्रपति ओमर अल बशीर से एर्दोगान ने 1 घंटे और 15 मिनट तक बात की.

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इस ओआईसी सम्मेलन के बाद सभी मुस्लिम नेताओं ने ट्रम्प के फैसले की निंदा की और कहा की “वह मानते हैं की जेरुसलम पर कब्ज़ा किया गया और अमेरिका से आग्रह किया की वह शांति प्रक्रिया से यह फैसला वापस ले

एर्दोगान ने ट्रम्प के फैसले को इस्राइल की आतंकवादी गतिविधियों के लिए निंदा की तथा उन्होंने कहा की “मुस्लिम देश कभी भी फिलीस्तीन की संप्रभुता और स्वतंत्रता पर हार नहीं मानेंगे”.

 बैठक में ईरान के राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका इस फैसले से “जायोनिस्ट हितों को अधिक और वैध फिलीस्तीनी मांगों की उपेक्षा” कर रहा है. उन्होंने कहा की “अमेरिका कभी भी दोनों देशो के बीच शांति प्रक्रिया से सुलह नहीं करवा सकता और उन्होंने इस्लामिक दुनिया को “यहूदी शासन” के खिलाफ एकजुट होने के लिए कहा.
उन्होंने कहा की “कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जो अमेरिका और इस्राइल की मदद कर रहे हैं और फिलिस्तीन का भविष्य निर्धारित कर रहे हैं”.
जेरुसलम को पहले अंतरराष्ट्रीय संप्रभुता के तहत रखा गया था और 1947 यूएन विभाजन योजना के साथ नियंत्रण किया गया था, जिसने इस क्षेत्र में संघर्ष को समाप्त करने के लिए यहूदी और अरब राज्यों के बीच ऐतिहासिक फिलिस्तीन के विभाजन की सिफारिश की, यू.एन. ने एक विशेष स्थिति का विकल्प चुना, क्योंकि जेरुसलम यहूदियों, ईसाई और मुसलमानों के लिए पवित्र है, हालांकि 1948 में अरब-इजरायल युद्ध के दौरान, इजरायल बलों ने यू.एस.एन. की सिफारिश को अनदेखा करते हुए,पश्चिमी जेरुसलम को इस्राइल का हिस्सा घोषित कर दिया.
1967 में छह-दिवसीय युद्ध में, इसराइल ने फिर से जेरुसलम को निशाना बनाया और शहर के पूर्वी भाग पर कब्ज़ा कर लिया जो पहले जॉर्डन के अधीन था.

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