Home मिडिल ईस्ट ज़ुल्मत के खिलाफ आवाज़- आज से ही शुरू हुआ था पहला इन्तिफादा

ज़ुल्मत के खिलाफ आवाज़- आज से ही शुरू हुआ था पहला इन्तिफादा

क्या-इन्तिफादा की पहली लड़ाई
कहा-वेस्टबैंक और गाज़ा पट्टी
कब-8 दिसम्बर 1987 से 17 सितम्बर 1993

इन्तिफादा क्या हैं? 

गाज़ा पट्टी और वेस्टबैंक पर इस्राइली के अवैध कब्ज़े और ज़ुल्म के खिलाफ पहली लड़ाई या इन्तिफादा की शुरुआत आज ही के दिन, 8 दिसम्बर 1987 में जबालिया रिफ्यूजी कैंप में उस वक़्त शुरू हुई जब इस्राइली आर्मी का एक ट्रक एक नागरिक की कर से टकरा गया जिसमे चार फिलिस्तीनियों की मौत हो गयी.

इस घटना के बाद पूरे गाज़ा में हड़कंप मच गया और एक विरोध प्रदर्शन की शुरुआत हुई. फिलिस्तीनी युवा नागरिक इस्राइली के अवैध कब्ज़े और अपने राज्य में इस्राइल के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विकास की कुल नियंत्रण के विरोध में सड़को पर जमा हो गए.

देखते ही देखते ये विरोध प्रदर्शन गाज़ा पट्टी और वेस्टबैंक के इलाके में फ़ैल गया, और लोगो ने इस्राइली संस्थाओं का बहिष्कार करना शुरू कर दिया. इसके अतरिक्त इस्राइल में काम करने वाले फिलिस्तीनियों ने भी इस बहिष्कार में भाग लिया.

परिणामस्वरूप इस्राइल ने इस विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए अपने 80,000 सैनिको को तैनात कर दिया. जिसके बाद बीसियों फिलिस्तीनी नागरिको की हत्या कर दी गयी.

इस घटना के बाद से एक साल में ही 332 फिलिस्तीनियों को मार दिया गया, जिसमे 53 फिलिस्तीनी 12 से 17 साल की उम्र के थे. जबकि जवाबी करवाई में 12 इस्राइली भी मारे गए.

Middle East Monitor Photo

क्या हुआ उसके बाद?

इस्राइली नागरिको के लिए इन्तिफादा या जुल्म के खिलाफ पहली लड़ाई देश के पहले प्रधानमंत्री के उन शब्दो की याद दिलाता हैं जो उन्होंने 1938 में कहे थे कि “वह व्यक्ति जो अपनी भूमि के अपहरण के लिए लड़ते हैं आसानी से नहीं मरते.”

साल 1993 के क़ाहिर तक 1,489 फिलिस्तीनी और 185 इस्राइली मारे गए. बड़े पैमाने पर फिलिस्तीनियों की मौत और अत्यधिक हिंसा ने अंतराष्ट्रीय स्तर पर लोगो को इसका खंडन करने पर मजबूर कर दिया जिसने संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद् को भी प्रभावित किया. जिसके बाद संयुक्त राष्ट्र संघ में एक प्रस्ताव रखा गया जिसमे मांग की गयी कि इस्राइल गाज़ा पट्टी में फिलिस्तीनियों के साथ हो रही हिंसा को रोके.

इसके बाद साल 1999 के अंत में संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस बिल को दुबारा रखा गया साथ ही संयुक्त राष्ट्र महासभा ने भी इन्तिफादा या जुल्म के खिलाफ पहली लड़ाई में इस्राइल की करवाई की निंदा की.

इन्तिफादा के बाद तो जैसे गाज़ा पट्टी में क्रांति आ गयी साथ ही मीडिया ने भी इस्राइल की निंदा करना शुरू कर दिया. इसके अतरिक्त इसका सीधा असर इस्राइल की आर्थिक स्थिति पर पड़ा और पर्यटको की संख्या में भी गिरावट आयी.

इन्तिफादा की समाप्ति सितम्बर 1993 में जब ओस्लो समझौते की बातचीत शुरू हुई. जिसपर हस्ताक्षर करने के लिए फिलिस्तीनी प्राधिकरण का गठन हुआ. जिसको वेस्ट बैंक और गाजा पट्टी पर सीमित स्वशासन दिया गया.

Web-Title: Intifada, the first fight against Israel’s occupation

Key-Words: Intifada, Israel, Against, Fight, Gaza, Strip, Westbank, Palestine