Home मिडिल ईस्ट संयुक्त राष्ट्र परिषद् के नियमों का उल्लंघन कर रहा इजराइल

संयुक्त राष्ट्र परिषद् के नियमों का उल्लंघन कर रहा इजराइल

मध्य पूर्व में संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि निकोला मलडोफ़ इस्राईल पर आरोप लगाया है कि वो बस्तियों के निर्माण के बारे में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मांगों को नजरअंदाज कर रहा है।

निकोला मलडोफ़ ने अपनी पहली रिपोर्ट में लिखा है कि प्रस्ताव के पारित होने के 3 महीने बीतने के बाद अब तक इस्राईल ने कोई ऐसा क़दम नहीं उठाया है, जो संयुक्त राष्ट्र की मांग को पूरा करे।

मध्य पूर्व में संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि ने कहा है कि इस्राईल की परियोजनाएं परेशान कर देने वाली हैं वे अवैध बस्तियों का निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने साथ ही फ़िलिस्तीनियों पर इस्राईल द्वारा जारी हिंसा पर भी आपत्ति जताई है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 1979 के बाद पहली बार इस्राईल के विरुद्ध फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों में बस्तियों ने निर्माण पर प्रस्ताव पारित किया है, इस प्रस्ताव में इस्राईल को तुरंत पश्चिमी तट, जॉर्डन नदी और कुद्स में गतिविधियां रोकने को कहा गया है।
निकोला मलडोफ़ की रिपोर्ट के बाद संयुक्त राष्ट्र के 15 सदस्य देशों ने बंद दरवाजों के पीछे इस्रायल और फिलीस्तीन के मुद्दे के बारे में वार्ता की है, इंग्लैंड के राजदूत मतयू रएकरीफट ने कहा है कि उनका देश भी दूसरे देशों की भाति इस समस्या का समाधान दो देशों का सिद्धांत ही समझता है।

इस्राइल ने संयुक्त राष्ट्र में वीटो पावर के प्रयोग की आलोचना की है, इस बात की वजह यह थी कि अमेरिका ने ओबामा के दौर में आदत के विरुद्ध, इस्राईल के खिलाफ प्रस्ताव को वीटो नहीं किया बल्कि अबस्टेनशन वोट दिया।
जबकि राष्ट्रपति बनने से पहले ट्रम्प ने अमेरिका के इस क़दम की तीव्र आलोचना की थी, और अपने शपथ ग्रहण भाषण में इस्राईली प्रधानमंत्री को अपनी पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिलाया था।

ट्रम्प ने फरवरी में घोषणा की थी कि मध्य पूर्व में शातिं स्थापना के लिए फ़िलिस्तीन और इस्राईल दो सरकारों का निर्माण, समस्या का कोई समाधान नहीं। उन्होंने अपने एक साक्षात्कार में कहा था कि उन्हें विश्वास नहीं है कि बस्तियों का निर्माण मध्य पूर्व में शांति प्रक्रिया के लिए अच्छा है।