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फिलिस्तीनी ध्वज पकड़ने पर इजराइली सैनिकों ने किया 5 मुस्लिम दोस्तों को गिरफ्तार

सौजन्य से - मिडिल ईस्ट मॉनिटर

कनेक्टिकट चर्च इंटरफेथ ग्रुप को इसराइल के सैनिकों द्वारा गिरफ्तार किया गया, क्योंकि उन्होंने फिलिस्तीन का झंडा पकड़ा हुआ था.

न्यूज़ 8 से हुई बातचीत पर ग्रुप के लोगों ने कहा की “वो लोग जेरुसलम गए क्योंकि वह पवित्र शहर जेरुसलम को देखना चाहते थे और उन्हें वहाँ इसराइल के सैनिकों द्वारा गिरफ्तार किया गया.”

“यह काफी भयानक था”

गिरफ्तार हुए पांच लोगों में से एक शख्स जौफ्रान ने कहा की “जब आप उन लोगों के पास बड़ी-बड़ी बंदूकें देखते हो और उनकी भरी आवाज सुनते हो और उन सैनिकों के चेहरे पर पागलपन देखते हो, यह बहुत भयावह होता है.

प्रेसिडेंट ऑफ़ इस्लामिक एसोसिएशन ऑफ़ ग्रेटर हार्टफोर्ड (गिरफ्तार हुआ अन्य व्यक्ति) राजा मंसूर ने कहा की “वह हमसे बात नहीं कर रहे थे , उन्होंने हमारे पासपोर्ट जब्त किये और हम लोगों को एक कोने में रख दिया और हमें फर्श पर धक्का दे दिया.”

मंसूर और उसके साथियों को सात घंटो के लिए गिरफ्तार किया गया और वह सभी मुस्लिम थे.

उन्हें गिरफ्तार किया गया जब उनके ग्रुप ने एक तस्वीर के लिए पोज़ किया, जिसमे उन्होंने जेरुसलम में फिलिस्तीनी ध्वज पकड़ा हुआ था, ग्रुप में पुरे 29 लोग मौजूद थे परन्तु सिर्फ पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया क्योंकि वह मुस्लिम थे.

चर्च के लीडर ने कहा की “जेरुसलम घुमने का उनको यह मौका मिला हुआ था.

स्टीव जुंगकाईट, ओल्ड लाईम के फर्स्ट कान्ग्रेगेशनल चर्च के सीनियर मिनिस्टर ने कहा की “यह इसाई समूह के साथ घुमने का एक मौका था, यहूदियों का ग्रुप और मुस्लिम ग्रुप ईसाईयों के ग्रुप के साथ जेरुसलम भ्रमण पर आये थे, यह यात्रा मानवता का उदाहरण थी.”

जुंगकाईट ने कहा की “यह सब जो भी हुआ यह नहीं होना चाहिए था.” उन्होंने कहा की “सैनिकों ने ग्रुप के पांच सदस्यों के साथ ठीक वैसा ही व्यवहार किया जैसा वह हर रोज फिलिस्तीनियों के साथ करते हैं.”

उन्होंने कहा की “पांचो व्यक्ति अपनी यह कहानी शेयर इसलिए शेयर करना चाहते थे क्योंकि वह सभी चाहते थे की उनकी इस कहानी के बाद उन लोगों को न्याय मिल सके जो हर रोज इस दर्द से होकर गुजरते हैं.”

जौफ्रान ने कहा कि “मेरी इच्छा है की उस क्षेत्र में शांति रहे.”

मिडिल ईस्ट मॉनिटर की खबरों के अनुसार अब सभी व्यक्ति अपने घरों में हैं और उन्हें नहीं पता था की उन्हें गिरफ्तार क्यों किया गया.”

मिडिल ईस्ट मॉनिटर की खबरों के अनुसार यह सब तब हुआ जब चर्च ग्रुप ने जेरुसलम में फिलिस्तीनी झंडा पकड़ कर फोटो खिचवाना शुरू किया, जिसके बाद इस्राइली सैनिकों ने सोचा की यह लोग विद्रोह करने आये हैं, जिस वजह से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

चर्च ग्रुप के सदस्यों ने अमेरिकन एम्बेसी को कहा की “वह लोग निर्दोष हैं, उन्हें बेवजह ही गिरफ्तार किया गया है.” उन्हें रिहा कर लीजिये, जिसके बाद जेरुसलम में मौजद वकील के प्रयासों के बाद पांचो व्यक्ति रिहा हो सके.

पांचो व्यक्तियों को दो हफ्ते पहले गिरफ्तार किया गया था और पिछले हफ्ते पांचो को सात दिन बाद रिहा किया गया.

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