Home मिडिल ईस्ट कुवैत में प्रवासियों के खिलाफ बड़ा प्रस्ताव लेकर आयीं सांसद अल-हाशेम

कुवैत में प्रवासियों के खिलाफ बड़ा प्रस्ताव लेकर आयीं सांसद अल-हाशेम

मनामा: कुवैत की एक विधायक सफा-अल-हाशेम कुवैत में प्रवासियों की संख्या कम करने के लिए एक आक्रामक अभियान चला रही हैं. इस अभियान में अब उन्होंने प्रवासियों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने में एक साल की रोकथाम की मांग कि है.

सांसद सफा-अल-हाशेम ने संसद में कहा कि जब तक प्राधिकरण ट्रैफिक की बढती भीड़ को कम करने और सड़क निर्माण का काम पूरा नहीं कर लेता तब तक निलंबन को नियमित रूप से नवीनीकृत किया जाना चाहिए. केवल परिवार चालकों को ही इस प्रतिबन्ध से छूट मिलनी चाहिए.

वर्तमान में प्रवासियों द्वारा संचालित ड्राइविंग लाइसेंस को उनके वर्क परमिटों तक सीमित किया जाना चाहिए जहाँ ये सुनिश्चित हो सके कि कोई दुर्व्यवहार या गलत इस्तेमाल न हो. उन्होंने आगे कहा कि ऐसा कोई उपाय होना चाहिए जिससे अगर लाइसेंस धारक सभी शर्तों और आवश्यकताओं को पूरा न करे तो उसका लाइसेंस खुद-ब-खुद रद्द हो जाये.

उन्होंने कहा कि ऐसा कोई प्रवासी जिसे उसके देश से ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त नहीं है, और जो विदेश मंत्रालय और कुवैती दूतावास द्वारा अनुमोदित नहीं किया गया है, उसे कुवैत का ड्राइविंग लाइसेंस नहीं देना चाहिए. इस प्रस्ताव के अंतर्गत उन्होंने ये बात भी रखी कि जिस व्यक्ति के पास कुवैती लाइसेंस नहीं है, उसे कोई वाहन खरीदने की अनुमति न दी जाये. इसके अतिरिक्त कुवैत में रहने वाले हर प्रवासी के पास एक से ज्यादा गाड़ी नहीं होनी चाहिए.

कुवैत के कानून के तहत, इस प्रस्ताव पर पहले बहस होगी, इसे संसद द्वारा समर्थन प्राप्त करना होगा और कानून द्वारा अनुमोदित करने के बाद ऐसा नियम बनाया जायेगा.

अल-हाशेम कुवैत की 26 नवम्बर को चुनी गयी 50 सदस्यीय संसद में एक मात्र महिला सदस्य हैं जो प्रवासियों के विरोध में कार्य कर रही हैं. उनके प्रयासों और कामों में प्रवासियों पर घर पर पैसा भेजने, अस्पताल में इलाज करवाने, और छोटी-मोटी चिकित्सा समेत तमाम कामों पर प्रवासियों पर विभिन्न प्रकार के कर लगाने की कोशिशें भी शामिल हैं.

कुछ सांसदों द्वारा उनके प्रस्ताव का समर्थन किया गया है लेकिन अधिकाँश जनता इस प्रस्ताव के कड़े विरोध में है. कुवैत की कुल आबादी का 70 प्रतिशत हिस्सा प्रवासी लोग ही हैं. इनकी संख्या तकरीबन 4.4 मिलियन है.

अल-हाशेम पर प्रवासियों को कमज़ोर बनाने और उन पर प्रतिबन्ध और कर थोपने के आरोप लगते रहे हैं पर उनका कहना है कि वो अपने देश के लिए उसके नागरिकों के लिए काम कर रही हैं, किसी के प्रति पूर्वाग्रह की भावना से ग्रसित होकर नहीं.

उनका कहना है कि वो प्रवासियों का भी पूरा सम्मान करती हैं. वो प्रवासियों को सामान्य सुविधाएं लेने से रोकना नहीं चाहती बल्कि वे ये चाहती हैं कि प्रवासी अस्पताल या चिकित्सा जैसी सुविधाएं लें तो उसका भुगतान करें. उन्होंने कहा कि भले ही कोई देश कितना भी संसाधनों से समृद्ध हो, लेकिन उसके अत्यधिक दोहन से उसके नागरिक अपने अधिकारों से वंचित रह जाते हैं.