Home मिडिल ईस्ट हुस्नी मुबारक ने की बहरीन के बादशाह से खास मुलाक़ात

हुस्नी मुबारक ने की बहरीन के बादशाह से खास मुलाक़ात

सुरक्षा बलों में पैठ रखने वाले क्रांतिकारी संवाददाता अहमद मूसा ने बहरीन के बादशाह हम्द बिन ईसा आले ख़लीफ़ा और मिस्र के अपदस्थ राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के घर में दोनों की मुलाक़ात होने की ख़बर दी है, मंगलवार को हुई इस मुलाक़ात के बाद हम्द बिन ईसा अरब लीग की बैठक में समिलित होने के लिए जार्डन चले गए।

मूसा ने अपने ट्वीटर पेज पर इस मुलाक़ात को “विशेष और निजी” बताया और कहाः एक घंटे तक चली इस मुलाक़ात में हुस्नी मुबारक और सूज़ान मुबारक ने बहरीन बादशाह का अपने घर में स्वागत किया।

मूसा ने इस मुलाक़ात का कारण हुस्नी मुबारक और हम्द बिन ईसा के आपसी संबंध को बताया है।

दूसरी तरफ़ बहरीन अधिकारियों ने आधिकारिक रूप से इस मुलाक़ात का खंडन किया है, अलयौमुल साबे समाचार पत्र ने लिखा है कि मलिक हम्द की मिस्र यात्रा में कोई मुलाक़ात नहीं हुई है और केवल सीसी के साथ ही मुलाक़ात हुई है।

दूसरी तरफ़ सदा अलबलद समाचार पत्र और अलहयात टीवी चैनल ने ख़बर दी है कि बहरीन के डिक्टेटर ने हुस्नी मुबारक के घर पर उनसे मुलाक़ात की है और रिपोर्ट के अनुसार यह मुलाक़ात इसलिए हुई थी क्योंकि इन दोनों के बीच बहुत पुरानी दोस्ती है।

मिस्र में जूलाई 2014 में सीसी के राष्ट्रपति बनने के बाद से अब तक बहरीन बादशाह का यह चौथा मिस्र दौरा है।

उन्होंने इससे पहली भी सैन्य अस्पताल में मुबारक से तीन बार मुलाक़त की थी।

मिस्र राष्ट्रपति के प्रवक्ता अल यूसुफ़ ने दो सत्ताधारियों के बीच निजी मुलाक़ातें हुई हैं और मंत्रीयों एवं अधिकारियों के लेविल की कई बैठकें हुई हैं।

मसिल हम्द ने इस यात्रा को अच्छा बताते हुए बहरीन की तरक़्क़ी में मिस्र की कई सालों की मेहनत की तरफ़ भी इशारा किया।

बहरीन बादशाह की मिस्र की इस यात्रा को जो कि अरब लीग की बैठक से ठीक पहले हुई है का लक्ष्य मिस्र और सऊदी अरब के बीच संबंध सुधार की कोशिश बताया जा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार अरब लीग की बैठक से ठीक एक दिन पहले इस मुलाक़ात का होना दिखाता है कि फ़ारस की खाड़ी के देश काहेरा और रियाज़ के बीस सुलह और शांति के साथ साथ बैठक में मलिक सलमान और अलसीसी के बीच मुलाक़ात की प्रष्ठभूमि तैयार कर रहे हैं।

इसी के अंतर्गत प्रतिनिधि संसद के सदस्य मुस्तफ़ा बकरी ने कहाः शेख़ हम्द की मिस्र यात्रा अरब दुनिया में मिस्र और बहरीन के सहयोग और सीरिया एवं फ़िलिस्तीन मामले में किसी निर्णय पर पहुँचना है।

लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि इस मुलाक़ात का सबसे बड़ा मक़सद मुबारक़ तक यह पैग़ाम पहुँचाना था किः मीडिया की बीच से अपना बोरिया बिस्तर बांध लें।

इसी प्रकार विश्लेषकों का मानना है कि 3 जूलाई 2013 की क्रांति के बाद भी अलसीसी, बहरीन बादशाह और मुलाक़ के बीच संबंध बने हुए हैं और यही कारण है कि इन तीनों के बीच संदेशों का आदान प्रदान स्पष्ट और सीधा हो जिससे अलसीसी मीडिया में किए जाने वाले इशारों के बजाए मुबारक को डायरेक्ट यह संदेश दे सके कि वह चुनाव में खड़े होने के बार में सोंचे भी नहीं।