Home मिडिल ईस्ट रूस ने लीबिया में इसलिए भेजे भाड़े के सैनिक

रूस ने लीबिया में इसलिए भेजे भाड़े के सैनिक

रूस में कई दर्जन सशस्त्र निजी सुरक्षा ठेकेदारों की एक सेना पिछले महीने तक लीबिया के एक क्षेत्र में संचालित हुई थी, जो क्षेत्रीय नेता खलीफा हफ्टर के नियंत्रण में थी. यह आज की तारीख में स्पष्ट संकेत है कि मॉस्को ने हफ्तर के लिए अपनी सार्वजनिक राजनयिक सहायता का समर्थन करने के लिए तैयार किया है. यहाँ तक कि तानाशाह राष्ट्रपति बशर अल असद को अपनाने के लिए खतरनाक पश्चिमी सरकारों के खतरे पर भी पहले से ही सीरिया में रूस के हस्तक्षेप पर तबाही हो गयी थी.

हफ़ार संयुक्त राष्ट्र समर्थित सरकार के विरोध में है, जो पश्चिमी देशों को लीबिया में स्थिरता बहाल करने का सबसे अच्छा मौका है. लेकिन कुछ रूसी नीतिज्ञों ने लीबिया को एक मजबूत राष्ट्र के रूप में देखा, जो छह साल की अराजकता को समाप्त कर सकता है.

फर्म के प्रमुख के अनुसार, सैन्य ठेकेदारों की उपस्थिति, एक वाणिज्यिक व्यवस्था थी. रुसी उद्योगों में काम करने वाले लोगों के अनुसार, ये संभव ही नहीं है कि मास्को की स्वीकृति के बिना ऐसा हो पाए.

निजी रूसी कंपनी आरएसबी-ग्रुप के मालिक ओलेग क्रिनिटिस ने कहा कि उन्होंने पिछले साल ठेकेदारों को पूर्वी लीबिया में भेज दिया था और फरवरी में उन्होंने अपना मिशन पूरा कर लिया था.

उन्होंने कहा कि उनका कार्य पूर्व लीबिया शहर बेंगाज़ी के पास, उस इलाके में जहां हफ़ार के बलों ने विद्रोहियों से कब्जा कर लिया था, वहां से औद्योगिक सुविधा से खदानों को निकालना था. उन्होंने ये बताने से मना कर दिया कि किसने उनकी फर्म को काम पर रखा, वे कहाँ काम कर रहे थे और वहां क्या सुविधाएं थीं.

ये पूछने पर कि क्या फर्म के पास मास्को से अधिकारिक आज्ञा थी? क्रिनित्स्यन ने कहा कि उनकी फर्म ने रूसी रक्षा मंत्रालय के साथ काम नहीं किया लेकिन रूसी विदेश मंत्रालय के साथ उनका परामर्श हुआ था. ठेकेदारों ने लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया, क्रिनिटिस ने कहा, लेकिन वे लीबिया में हथियारों से हथियारों से लैस थे. उन्होंने हथियारों के बारे में अधिक नहीं बताया.