Home मिडिल ईस्ट जायोनी राजदूत के विरोध में लन्दन यूनिवर्सिटी में हुआ ज़ोरदार प्रदर्शन

जायोनी राजदूत के विरोध में लन्दन यूनिवर्सिटी में हुआ ज़ोरदार प्रदर्शन

सैकड़ों विद्यार्थियों और प्रोफेसर्स ने गैर क़ानूनी ज़ायोनी शासन के राजदूत मार्क रेगो की इंग्लैंड यात्रा पर इंग्लैंट यूनिवर्सिटी के पूर्व और अफ्रीका अध्ययन विभाग में विरोध प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों के विरोध पर ज़ायोनी राजदूत ने कहा कि ये शासन पीछे हटने वाला नहीं है।

यहूदी समाचार पत्र यरूशलेम पोस्ट ने इस ख़बर को प्रकाशित करते हुए लिखाः इंग्लैंट में इजरायल के राजदूत मार्क रोगो ने पूर्व एवं अफ्रीका अध्ययन विभाग (सू आस) में विरोध प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के सामने कहाः इजरायल कहीं नहीं जा रहा है। वह इजरायल के पहले राजनयिक थे जिन्होंने 12 साल के बाद इस यूनिवर्सिटी में क़दम रखा था।

मार्क रेगो के भाषण के लिए यहूदियों द्वारा तैयार किए गए मंच के सामने लगभग 200 विद्यार्थियों ने प्रदर्शन किया, प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों का कहना था कि रेगो का इस यूनिवर्सिटी में आना, बायकाट, विद्यार्थी संघ द्वारा प्रतिबंध और इस्राईल से पैसा बाहर निकालने की नीति का अपमान है।

प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों की तस्वीरें मीडिया में जारी हुई हैं, एक प्रदर्शन कारी का कहना था कि होलोकास्ट का निशाना बनने का दावा करने वाले लोग बुज़दिल है। एक यहूदी ह्यूमन राइट्स वाच ने इस प्रदर्शन को यहूदियों के विरुद्ध संगठित विरोध बताया है।

लेकिन अब तक पुलिस में यहूदी विरोध की किसी भी घटना की कोई शिकायत नहीं आई है और निश्चित नहीं है कि सू आसू इस प्रदर्शन पर जांच करेगी या नहीं।

मार्क रेगो के विरुद्ध होने वाले इस प्रदर्शन को जिसे रूढ़ीवादी यूनिवर्सिटी से दूर हो जाओ का नाम दिया गया था में 100 लोगों ने नाम लिखाया था, इस विरोध कैंपेन में रेगों को इस्राईली असभ्यता का चेहरा बताया गया था।

इस प्रदर्शन के साथ ही ज़ोयीनी समर्थकों ने भी इस प्रदर्शन के विरोध में प्रदर्शन किया, और तनाव भरी स्थिति होने के बावजूद कोई अशांति नहीं हुई।

इस विरोध प्रदर्शन के तैयारी के समय यूनिवर्सिटी के 100 से अधिक कर्मचारियों ने इसको न किए जाने की बात कही थी और उन्होंने इस प्रदर्शन के विद्यार्थियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने के बारे में चिंता व्यक्त की है।

रेगो ने अपने भाषण में अपने राजनीतिक अनुभवों के बारे में बताया और उसके बाद वहां उपस्थित लोगों के प्रश्नों का उत्तर दिया।

रेगो ने कहा अगर मेंरी उपस्थिति भड़काऊ है तो मैं क्षमा चाहता हूं, लेकिन मुझे लगता है कि समस्या यह है कि लोग इस्राईल को साम्राज्यवादी नज़र से देखते हैं, हम ने गल्तियां की है… मामला यह है कि हमकों उनसे सबक लेना चाहिए, अगर आप सार्वजनिक वाद विवाद को देखें तो आप पाएंगे कि इस्राईल निंदा और आलोचना को स्वीकार करने वाला समाज है।

उन्होंने कालोनी निर्माण के बारे में भी बात की और दावा किया कि इस्राईल किसी नई कालोनी का निर्माण नहीं कर रहा है, और हम केवल वहीं पर निर्माण कर रहे हैं जो पहले से निर्मित हैं।

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर कहा कि इस्राईल को कोशिश है कि वह क्षेत्रीय रवय्या अपनाए रखे और अरब देशों को शांति प्रक्रिया की तरफ़ बुलाए।

उन्होंने व्हाइट हाउस में ट्रम्प की उपस्थिति को अच्छा बताया।