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दक्षिणी सीरिया में जॉर्डन, ब्रिटेन और अमेरिका के आने से दिख रहीं संदिग्ध गतिविधियाँ

सीरिया के दक्षिणी भाग में जार्डन, अमरीका और ब्रिटेन की संयुक्त गतिविधियों के सामचार आने के साथ ही सीरिया के युद्धक विमानों ने बुधवार की सुबह, इन क्षेत्रों में मौजूद आतंकवादियों के ठिकानों पर बमबारी की। सीरिया से मिलने वाली जार्डन की सीमा पर कुछ आतंकवादी गुट सक्रिय हैं जिनमें उसूदुश्शरक़िया और लवाए शोहदा के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं।

सीरिया संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए जैसे-जैसे कूटनीतिक गतिविधियां तेज़ होती जा रही हैं, सीरिया के तथाकथित उदारवादी आतंकी गुटों ने दाइश से मुक़ाबले के बहाने दक्षिणी सीरिया में जार्डन से मिलने वाली सीमा पर आतंकवादी गतिविधियां तेज़ कर दी हैं। यह गुट दाइश पर हमले के बहाने सीरिया के सैनिक ठिकानों पर हमले कर रहे हैं। इसी बीच सीरिया के विदेशमंत्री वलीद मोअल्लिम ने जार्डन को चेतावनी दी है कि वह दाइश से मुक़ाबले के बहाने अपने सैनिकों को सीरिया की सीमा की ओर भेजने से बचे। उधर सीरिया के राष्ट्रपति बश्शार असद ने कहा है कि उनके पास एेसी सूचनाएं हैं जिनसे यह पता चलता है कि जार्डन, अमरीका और ब्रिटेन की सहायता से अपने सैनिकों को सीरिया में तैनात करना चाहता है।

इसी बीच यह रिपोर्ट भी प्रकाशित हुई है कि संयुक्त सैन्य अभ्यास के उद्देश्य से अमरीका, ब्रिटेन और जार्डन के सैनिकों को सैन्य उपकरणों के साथ सीरिया से मिलने वाली जार्डन की सीमा पर तैनात किया जा रहा है। वहां से लिए गए चित्रों से पता चलता है कि जार्डन और सीरिया की सीमा पर बड़ी संख्या में टैंक, हैलिकाप्टर,बक्तरबंद गाड़ियां और इसी प्रकार के सैन्य उपकरण मौजूद हैं।

राजनैतिक टीकाकारों का कहना है कि जिस प्रकार से तुर्की ने दाइश से मुक़ाबले के बहाने उत्तरी सीरिया के अलबाब नगर में सैन्य कार्यवाही करते हुए सीरिया की संप्रभुता का खुलकर उल्लंघन किया था। इस बार एेसा लग रहा है कि जार्डन भी अमरीका और ब्रिटेन के सहयोग से उसी प्रकार का कोई ड्रामा करना चाहता है।

इसी बीच लेबनान के हिज़बुल्लाह ने चेतावनी दी है कि सीरिया से मिलने वाली जार्डन की सीमा पर यदि किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही की जाती है तो फिर इन तीन देशों को इसके दुष्परिणाम भुगतने पड़ेंगे।