Home मिडिल ईस्ट मिस्र पर आने वाली है बड़ी आफत, मंडरा रहा है बड़ा खतरा

मिस्र पर आने वाली है बड़ी आफत, मंडरा रहा है बड़ा खतरा

मिस्र के तनता और इस्कंदरिया में दो चर्चों पर दाइश के आतंकवादियों का बर्बर हमला और वह परिवार और बच्चे जो ख़ुशी के मौक़े पर वहां जमा हुए थे उनको ख़ून से रंग दिया जाना, ने तकफ़ीरी आतंकवाद का एक नया अध्याय खोल दिया है।

अमरीका, क़तर और तुर्की का हाथों की कठपुतली ब्रदरहुड सरकार के विरुद्ध मिस्र की सफल क्रांति के बाद से ही यह देश आतकंवादी हमलों का शिकार होता आ रहा है, इन हमलों का राजनीतिक लक्ष्य मिस्र की वर्तमान सरकार और सेना को कमज़ोर करना और देश में अशांति एवं अराजकता का माहौल बनाना है।
उनका प्लान यह है कि मिस्र को आर्थिक रूप से कमज़ोर और सुरक्षा के लेहाज़ से अराजकता के हवाले कर दिया जाए ताकि वह कभी भी पश्चिमी देशों के कंट्रोल और फ़ारस की खाड़ी के देशों के क़र्ज़ों से बाहर न निकल पाए, जिसके बाद वह कभी भी सीरिया की खुलेआम समर्थन की हिम्मत न कर सकेगा।
आतंकवादी संगठन मिस्र के हर नागरिक को निशाना बना रह हैं, उनको इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता है कि वह किस धर्म या समुदाय का है, यह चीज़ यमन, इराक़, सीरिया और लेबनान में भी दिखाई दी है जहां मुसलमानों के साथ साथ ईसाईयों की हत्या की गई, लेकिन इन आतंकवादी संगठनों के लिए पश्चिमी देशों ने जो मेल रोल तै किया है वह इन देशों के नागरिकों के बीच धार्मिक दराड़ पैदा करना है।
आज मिस्र के सामने एक बहुत बड़ा ख़तरा खड़ा है, अगरचे मिस्र एक शक्तिशाली देश है लेकिन फिर भी इस ख़तरे का मुक़बला एकेले करना संभव नहीं है, और इस ख़तरे से निपटने का पहला क़दम सीरिया की राजधानी दमिश्क़ से निकलता है जिसने दिखा दिया है कि जब हर तरफ़ से ख़तरा टूटा पड़ रहा हो तो कैसे मज़बूत रहा जाता है।