Home मिडिल ईस्ट इस्लामी जगत के हितैषी नहीं हैं अमेरिका, ब्रिटेन और इजराइल

इस्लामी जगत के हितैषी नहीं हैं अमेरिका, ब्रिटेन और इजराइल

ईरान के रक्षामंत्री ने कहा है कि मिडिल ईस्ट में अमेरिका व पश्चिम की उपस्थिति क्षेत्रीय राष्ट्रों के हित में नहीं है. क्योंकि वे यहाँ आये तो सुरक्षा स्थापित करने के नारे के साथ लेकिन वास्तव में वही क्षेत्र में अशांति का कारण हैं.

ब्रिगेडियर जनरल हुसैन देहकन ने आतंकवाद की परिभाषा के सम्बन्ध में ईरान व पश्चिम में मतभेद की ओर संकेत किया और कहा पश्चिम की नज़र में आतंकवादी वह है जो संसार में कहीं भी पश्चिम के अंतर्राष्ट्रीय हितों व लक्ष्यों को नुक़सान पहुंचाए लेकिन ईरान इस परिभाषा को नहीं मानता और अपने क़ानूनी अधिकारों की प्राप्ति के लिए राष्ट्रों व लोगों के संघर्ष को आतंकवाद नहीं समझता.

उन्होंने इस बात का उल्लेख करते हुए कि पश्चिम के पास आतंकवाद की दो परिभाषाएं हैं, उन्होंने कहा कि आतंकवाद को अच्छे और बुरे में नहीं बांटा जा सकता और आतंकवाद के संबंध में दोहरा मानदंड, अमरीकी हितों के आधार पर तैयार किया गया है.

ईरान के रक्षा मंत्री ने कहा कि ईरान पड़ोसी देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर रहा है लेकिन खेद की बात है कि सऊदी अरब आज क्षेत्र में अमरीका व इस्राईल के प्रतिनिधि के रूप में बदल चुका है और अरब देशों के पैसे इस्राईल की सुरक्षा में ख़र्च हो रहे हैं. ब्रिगेडियर जनरल हुसैन दहक़ान ने सीरिया पर अमरीका व इस्राईल के हमलों को, आतंकी गुटों का समर्थन बताया और कहा कि ज़ायोनी शासन को पहचान और विघटन के संकट का सामना है.