Home मिडिल ईस्ट सीरिया में चीनी आतंकवादियों को बढ़ावा दे रहा तुर्की

सीरिया में चीनी आतंकवादियों को बढ़ावा दे रहा तुर्की

अलअख़बार समाचार पत्र की वेबसाईट ने “फ़्रास अलशूनी” ने द्वारा लिखी रिपोर्ट के के हवाले से लिखा है कि इराक और सीरिया का युद्ध का मैदान में बदल जाना और दुनिया भर से आतंकवादियों का वहां जमा होना इत्तेफ़ाक नहीं है बल्कि यह विश्व और क्षेत्रीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा उठाया गया व्यवस्थित कदम है जिसका मक़सद इराक़ और सीरिया को विदेशी आतंकवादियों से भर देना है।

यूरोपीय सुरक्षा एजेंसियों ने यूरोप आतंकवादियों को सीरिया तक पहुंचाने तक मार्ग प्रदान किया ताकि उनसे निजात पा सकें, और तुर्की ने केवल आतंकवादियों को पहुंचाने का काम नहीं किया, बल्कि तुर्की 90 के दशक से ऐसे कदम उठा रहा है ताकि इस क्षेत्र में अपनी राजनीतिक भूमिका निभा सके।

एक इजरायली संस्थान द्वारा सीरिया में हजारों चेचनो की उपस्थिति की खबर कोई नई बात नहीं है, सिवाए इसके कि चीन के सुरक्षा संस्थान, सीरियाई संस्थाओं के बीच सैन्य और सुरक्षा सहयोग की ख़बर दी गई है। चीन का इरादा है कि वह सीरियाई सेना की सहायता में वृद्धि करे ताकि वे चीनी आतंकवादियों से मुक़ाबला कर सकें क्योंकि बीजिंग उन्हें अपने लिए खतरा मानता है।

सीरिया में अगूरी आतकंवादियों की सही संख्या पता नहीं है पर एक अनुमान के अनुसार उनकी संख्या 5 हजार लोगों को है।

अलअख़बार की रिपोर्ट के अनुसार उनमें से ज्यादातर अदलिब में हैं क्योंकि यह तुर्की की सीमा के निकट है और यहां से विदेशी आतंकवादी अलनुस्रा या तहरीरुल शाम में आसानी से शामिल हो जाते हैं।

अलअख़बार सूत्रों के अनुसार अग़ूरियों के दो महत्वपूर्ण अड्डे हैं, एक जबल अलज़ाविया के के गांव अहसम में जहां बताया जाता है कि इस्लामी तुर्किस्तान पार्टी के झंडे लते 2500 आतंकवादी लड़ रहे हैं और दूसरे अड्डे पर तीन हजार आतंकवादी हैं।

गौरतलब है वह अग़ूरी आतंकवादी जो अपने परिवार वालों को भी साथ लेकर आए हैं वह अदिलब के गाँवों विशेषकर जबल अलसमाक़ गाँव में रहना चाहते हैं, इन गावों से गाँव वासियों को निकाल दिया गया है और उनके घर और सामान पर कब्जा कर लिया गया है।

अग़ूरियों की विशेषता यह है कि उनके पास पश्चिमी हथियार और अमरीका निर्मित टाव मिसाइल हैं जो तुर्की के ख़ुफ़िया विभाग ने उन्हें दिए हैं, इसके अलावा उनके पास नाइट विजन कैमरा और संपर्क के आधुनिक पश्चिमी उपकरण भी हैं।

रूस और सीरिया सेना लगातार सेंसर भेजकर उनकी उच्च शक्ति को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं। सीमावर्तीय कारोडोर बाबुल हवा से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार अभी भी इश बॉर्डर से अहरार अलशाम और तुर्किस्तान इस्लामी पार्टी के आतंकवादियों को हथियार और संसाधन पहुँचाए जा रहे हैं।

सीरियाई सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार पिछले साल 600 अग़ूरियों को हमाह और हलब में मार दिया गया था।

अमेरिकी लेखक सेमुर हर्ष ने 2013 के एक लेख में लिखा है: 2013 से 2016 तक लगभग 5 हजार अग़ूरियों को तुर्की पहुँचाया गया था।

चीन में सीरिया के राजदूत एमाद मुस्तफा ने कहा: हमारे पास मौजूद जानकारी के अनुसार इस समय सीरिया में 860 अग़ूरी मौजूद हैं, और चीन ने वादा किया है कि युद्ध के बाद पुनर्निर्माण के लिए 3 अरब डॉलर सीरिया को देगा।

अलअख़बार के अनुसार चीन इस बात से परेशान है कि अग़ूरी वापस आकर चीन में अशांति फैलाएंगे, इसलिए वह सीरिया के साथ सैन्य सहयोग बढ़ा रहा है, और इसके अलावा चीन यह भी इरादा है कि वह मध्य पूर्व और अफ्रीका में अपनी सैन्य शक्ति में वृद्धि करेगा।