Home मिडिल ईस्ट जानिए 16 वर्षीय फिलिस्तीनी एक्टिविस्ट से क्यों डरी हुई है इजराइली सरकार

जानिए 16 वर्षीय फिलिस्तीनी एक्टिविस्ट से क्यों डरी हुई है इजराइली सरकार

source: Middle East Monitor

अहद तमीमी एक ऐसी बहादुर लड़की है जिसकी फोटो सोशल मीडिया पर देखे बिना दिन नहीं गुज़रता है. हर कोई सोशल मीडिया पर तमीमी की बहादुरी के किस्से शेयर करता नज़र है.

कौन है अहद तमीमी? 

दरअसल अहद तमीमी फिलिस्तीनी एक्टिविस्ट है जो नबी सलह गाँव में रहती है. अहद को उनकी बहादुरी के लिए जाना जाता है. वह बचपन से ही इजराइल द्वारा हो रहे अत्याचारों का विरोध प्रदर्शन करती आई है. इजराइल के खिलाफ आवाज़ उठती आयीं है, उन्होंने फिलिस्तीन में कई बड़े विरोध प्रदर्शन करके अपनी एक अलग ही छवि बनाई है.

19 दिसंबर को इजराइल सुरक्षा बलों में उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. जब वह ट्रम्प के येरुशलम को इजराइल की राजधानी के रूप में मान्यता देने के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही थी. अहद को इजराइली सेना बलों को थप्पड़ मारने के जुर्म में गिरफ्तार किया गया था और वह अभी जेल में बंद है.

सच्चाई यह है की आज पूरी दुनिया एक तरफ है और अहद एक तरफ. जो भी नबी सलह गाँव के लोगों के अधिकारों के लिए इजराइल के खिलाफ आवाज़ उठाता है उसके साथ बुरा सुलूक किया जाता है. प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस से वार किया जाता है, मारा जाता है और बिना किसी वजह के जेल में कैद कर दिया जाता है. इन कैदियों में तमीमी की तरह कई मासूम बच्चे शामिल है. जिन्होंने इजराइल के खिलाफ आवाज़ उठी तो उनकी गिरफ़्तारी की गयी या उन्हें मार दिया गया.

source: Mondoweiss

“साहसी अहद” 

इजराइल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में तमीमी ने अपने कई रिश्तेदारों को खो दिया. इजराइल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में अहद के चाचा ने अपनी जान गवा दी. इजराइली सैनिकों ने उनके 15 वर्षीय चचेरे भाई को रबर बुलेट से वार करके मार गिराया था.

उनके परिवार को कई सालों तक इज़राइली सेना द्वारा सताया गया था, उनके परिवार के कुछ लोगों को भी इजराइली सैनिकों ने विरोध प्रदर्शन के दौरान मार गिराया था. इजरायल की सेना अब गाँव के निवासियों को कई महीनों से भड़काने का काम कर रहे है.

अहद की बहादुरी ने फिलिस्तीनी लोगों को साहस दिया है. वह अकेली  इजराइल का सामना कर सकती है. अहद की रिहाई को लेकर भी दुनिया के लोग इजराइल का विरोध कर रहे है. न्यूयॉर्क में भी अहद की रियाई में जमकर प्रदर्शन किया गया. साथ ही उन सभी मासूमों को रियाई दिलाने की मांग की है जो कई सालों से इजराइल की जेलों में बंद है.

अहद की बहादुरी के लिए सोशल मीडिया पर लोग उनका समर्थन कर रहे है क्योंकि वह इजराइल के खिलाफ अकेली डटी खड़ी है और इजराइल के खिलाफ लड़ती रहेगी.

“बन्दूक नहीं कैमरे को बनाया हथियार” 

आपको बता दें कि इजराइल के विरोध में तमीमी का पूरा परिवार इजराइली सैनिकों के साथ कई सालों से संघर्ष कर रहा है. इस संघर्ष में अहद की 10 वर्षीय बहन ने पिछले साल इजराइल के विरोध में प्रदर्शन किया था. उन्होंने इतनी छोटी उम्र में अपने कई परिवार वालों को इजराइली सैनिकों के साथ हुई मुठभेड़ में मरते हुए देखा है.

उन्होंने छोटी सी उम्र में इजराइल के खिलाफ लड़ाई लड़ना शुरू कर दिया था. अपने परिवार वालों की मौत के बाद जाना अय्याद ने हथियार उठाने की बजाए कैमरा उठाया, ताकि वह इजराइल में हुई हर छोटी से छोटी घटना को सोशल मीडिया पर तुरंत अपलोड कर सकें.

source: Middle East Monitor

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