Home मिडिल ईस्ट तुर्की पर प्रतिबंध लगाने को लेकर विश्व में अमेरिका का विरोध

तुर्की पर प्रतिबंध लगाने को लेकर विश्व में अमेरिका का विरोध

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तुर्की के विरुद्ध अमरीका के आर्थिक युद्ध शुरू होने और इस देश की करंसी लीरा की गिरती क़ीमत के साथ ही तुर्की के लोगों ने एर्दोग़ान के आह्वान पर राष्ट्रीय करंसी को मज़बूत करने के लिए मनी चेंजर्स दुकानों का बाहर लाइन लगा दी ताकि इस प्रकार अपने घरों में मौजूद डॉलरों को देश के वित्तीय पहिये में शामिल कर सकें। कुछ दूसरे लोगों ने भी प्रतीकात्मक क़दम उठाते हुए अपने पास मौजूद डॉलरों को आग लगा दी, और कुछ सरकार समर्थकों ने अमरीकी उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने के लिए अपने पास मौजूद आईफोन को तोड़ दिया। द्विपक्षीय आदान-प्रदान में लगातार डॉलर को हटाए जाने की सुगबुगाहट पिछले कई सप्ताहों से कई देशों की तरफ़ से आ रही है ताकि इस प्रकार राष्ट्री करंसी को डॉलर के मुकाबले में सुरक्षित बनाया जा सके। हालांकि तुर्क राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने तुर्की की जनता से कहा है कि अमरीका के साथ पैदा हुई समस्याएं हल हो जाएंगी।

एर्दोग़ान सरकार के प्रवक्ता इब्राहीम कॉलेन ने कल कहाः उनको आशा है कि अमरीका के साथ पैदा हुई समस्याएं जिनके कारण तुर्की की करंसी लीरा में गिरावट दर्ज की गई है हल हो जाएंगी, लेकिन सबसे पहले वाशिंग्टन को तुर्की के सुप्रीम कोर्ट पर अपना प्रभाव जमाने की कार्यवाही को रोकना होगा।

कॉलेन ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहाः अगर अमरीका ने फैसाल किया कि वह एफ़-35 तुर्की को नहीं देंगे, तो तुर्की अपने अधिकारों का प्रयोग करेगा। उन्होंने वादा किया कि लीरा जो कि डॉलर के मुकाबले में रिकार्ड स्तर तक गिर चुका है अपनी पुरानी क़ीमत दोबारा प्राप्त कर लेगा। उन्होंने प्रेस कॉन्फेंस में कहा कि एर्दोग़ान ने बुधवार को जर्मनी की चांसलर मार्केल से बातचीत की है। वह आज फ्रांस के राष्ट्रपति से भी अमरीका तुर्की मतभेद के बारे में बातचीत करेंगे।

 

कॉलेन ने कहा कि यह बातचीत जर्मनी और फ्रांसीसी पक्ष की मांग पर की गई हैं। इसी प्रकार यह संपर्क ट्रम्प के विरुद्ध प्रतिक्रियाओं के कडे होने को दर्शाता है। अमरीका से भी बातचीत जारी रहेगी, लेकिन शर्त यह है कि अमरीका के रुख़ में भी सुधार हो। एर्दोगान ने कल क़तर के बादशाह से भी मुलाक़ात की, और कॉलेन के अनुसार अमरीका के साथ तुर्की के आर्थिक संकट में क़तर के स्पष्ट समर्थन को दर्शाता है।

दूसरी तरफ़ बुधवार को बीबीसी ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि तुर्की सरकार ने कहा है कि अमरीका से आने वाले कुछ सामानों पर टैक्स बढ़ाया जाएगा। तुर्की के सरकारी समाचार पत्र में जारी लिस्ट में चावल, गाड़ियां, शराब, कोलया आदि को देखा जा सकता है।

इस लिस्ट के जारी होने के बाद तुर्की के उप राष्ट्रपति ने अपने ट्वीटर हैडल पर लिखा कि सीमा शुल्क में बढ़ोतरी “अमरीका से मुक़ाबले और आर्थिक आक्रमण के विरुद्ध जैसे को तैसे के जवाब” के तौर पर किया जा रहा है। उससे कुछ घंटों पहले तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोग़ान ने भी इशारों में चेतावनी देते हुए कहा था कि संभव है कि अमरीका निर्मित इलेक्ट्रानिक उत्पादों पर प्रतिबंध लगा दिया जाए।

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार विदेशी लक्जरी सामानों के स्टोर पर खरीदारों की कतार की तस्वीरें प्रकाशित हुई हैं जो दिखाती है कि लोग इन चीज़ों की कीमत बढ़ने से पहले उनको ख़रीद लेना चाहते हैं।