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क्या है स्ट्रेट ऑफ़ होरमुज़ जिसे ईरान बंद करने की धमकी दे रहा है, और इसका विश्व तेल व्यापार पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

ईरानी राष्ट्रपति की इस चेतावनी का अर्थ यह निकाला जा रहा है कि अगर ईरान को प्रतिक्रिया दिखाने पर मजबूर किया गया तो वह स्ट्रेट ऑफ़ होरमुज़ में तेल टैंकरों की आवाजाही को बंद कर देगा।

स्ट्रेट ऑफ़ होरमुज़ क्या है?

स्ट्रेट ऑफ़ होरमुज़ पश्चिम एशिया की एक महत्वपूर्ण जलसन्धि है जो ईरान के दक्षिण में फ़ार्स की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच में स्थित है।

यह फ़ार्स की खाड़ी से खुले सागर तक पहुंच के लिए एकमात्र समुद्री मार्ग है और यह दुनिया के सबसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण चोक प्वाइंटों में से एक है।

उसके उत्तरी तट पर ईरान स्थित है तो दक्षिणी तट पर इराक़, कुवैत, सऊदी अरब, बहरैन, क़तर, संयुक्त अरब इमारात और ओमान स्थित हैं। स्ट्रेट ऑफ़ होरमुज़ की सबसे कम चौड़ाई 54 किमी है।

ईरान अगर इस जलस्धि को बंद कर देता है या इस क्षेत्र में तेल टैंकरों की आवाजाही के लिए किसी तरह की रुकावट उत्पन्न होती है तो दुनिया भर में तेल की क़ीमतों में आग लग जाएगी।

समुद्र द्वारा निर्यात होने वाले दुनिया भर के कुल तेल का क़रीब 40 फ़ीसद तेल स्ट्रेट ऑफ़ होरमुज़ से होकर दूसरे देशों को निर्यात होता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर स्ट्रेट ऑफ़ होरमुज़ बंद से तेल टैंकरों की आवाजादी में रुकावट उत्पन्न होती है तो अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में 2 करोड़ तक बैरल तेल की आपूर्ति कम हो जाएगी, जिसके नतीजे में तेल की क़ीमतें 250 से 300 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच जायेंगी, अर्थात वर्तमान क़ीमत से ढाई गुना से अधिक।

ईरान स्ट्रेट ऑफ़ होरमुज़ को बंद करने की धमकी क्यों दे रहा है?

अंतरराष्ट्रीय मीडिया और सियासी गलियारों में राष्ट्रपति रूहानी की चेतावनी का अर्थ यही निकाला जा रहा है कि अमरीका ने ईरान की अर्थव्यवस्था पर अगर और अधिक दबाव डाला तो ईरान स्ट्रेट ऑफ़ होरमुज़ को बंद सकता है।

राष्ट्रपति रूहानी का कहना था कि, अमरीकियों का दावा है कि वे ईरान के तेल निर्यात को पूर्ण रूप से बंद कर देंगे। वे अपनी इस बात का ख़ुद ही अर्थ नहीं समझ रहे हैं, इसलिए कि यह हो ही नहीं सकता कि क्षेत्र के अन्य देशों का तेल निर्यात हो और ईरान का तेल निर्यात बंद हो जाए। अगर ऐसा हुआ तो वे नतीजा देख लेंगे।

रूहानी के इस बयान का ईरान की सेना और इस्लामी क्रांति की सेना आईआरजीसी ने भी स्वागत किया है।

बुधवार को आईआरजीसी के एक वरिष्ठ कमांडर ने कहा है कि अगर ईरानी तेल निर्यात पर अमरीका ने प्रतिबंध लगाया तो ईरानी सेना क्षेत्रीय देशों के तेल निर्यात को रोकने के लिए तैयार है।

इससे पहले भी ईरान के सैन्य अधिकारी चेतावनी दे चुके हैं कि अगर ईरान के तेल को विश्व मंडी में जाने से रोका गया तो स्ट्रेट ऑफ़ होरमुज़ से एक बूंद तेल विश्व मंडी में नहीं पहुंच सकेगा।

क्या ईरान स्ट्रेट ऑफ़ होरमुज़ को बंद करने की शक्ति रखता है?

ईरानी सेना ने क्षेत्र में एंटी शिप मिसाइल, पनडुब्बियां, बारूदी सुरंगे और दर्जनों युद्ध पोत तैनात कर रखे हैं। इसी तरह किसी भी ख़तरे से निपटने के लिए ईरानी नौसेना की सैकड़ों नावें और छोटे जहाज़ हर समय तैयार हैं।

हाल ही में ईरान की नौसेना के पूर्व प्रमुख हबीबुल्लाह सैयारी ने चेतावनी देते हुए कहा था, स्ट्रेट ऑफ़ होरमुज़ को बंद करना ईरान के लिए इतना ही आसान है जितना एक गिलास पानी पीना। ईरानी सेना ने क्षेत्र में सैन्य अभ्यास करके अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया था और कई नए एंटी शिप मिसाइलों का टेस्ट किया था।

इस बीच, अमरीकी सेना ने ईरान की इस चेतावनी पर प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया है कि वह स्ट्रेट ऑफ़ होरमुज़ में तेल टैंकरों के सुरक्षित आवाजाही को सुनिश्चित बना सकती है।

अमरीकी सेना की सेंट्रल कमांड के एक प्रवक्ता कैप्टेन बिल अरबन ने बुधवार को दावा किया कि अमरीकी सेना और उसके क्षेत्रीय सहयोगी देश जलसन्धि को तेल टैंकरों की आवाजाही को सुनिश्चित बनाने के लिए तैयार हैं।

लेकिन सीरिया, इराक़ और यमन में अमरीका और उसके क्षेत्रीय देशों की पराजय को देखते हुए अमरीकी सेना का यह दावा खोखला ही नज़र आ रहा है।