सऊदी अरब ने सीरियाई नागरिकों को पिछले 7 वर्षों से हज से वंचित कर रखा है तो वहीं क़तरी नागरिकों के हज पर दूसरे साल भी प्रतिबंध लगा रखा है।

ट्यूनिशा के इमामे जुमा संघ के महासचिव फ़ाज़िल आशूर ने एक बयान जारी करके ट्यूनीशियाई मुसलमानों से अनुरोध किया है कि इस साल हज का बविष्कार करें।

ट्यूनीशियाई मुसलमानों का कहना है कि आले सऊद शासन हज से होने वाली आमदनी को यमन और सीरिया में बच्चों, महिलाओं और निर्दोष मुसलमानों के जनसंहार पर ख़र्च कर रहा है और इस्राईल के इशारों पर नाच रहा है।

इससे पहले ट्यूनीशिया के धार्मिक मामलों के मंत्री अहमद अज़ूम ने भी कहा था कि हज पर जाने के लिए आवेदन करने वाले नागरिकों की संख्या में भारी गिरावट आई है।

ग़ौरतलब है कि सऊदी अरब और यूएई ने अमरीका और इस्राईल के समर्थन से 2015 में यमन के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ा था, जिसमें अब तक 15 हज़ार से अधिक आम नागरिक मारे जा चुके हैं। मरने वालों में एक बड़ी संख्या बच्चों और महिलाओं की है।

यमन मध्यपूर्व का सबसे निर्धन देश है जो सऊदी अरब के पड़ोस में स्थित है।

हज के मामलों की निगरानी करने वाली सऊदी अरब की समिति ने हाल ही में एलान किया था कि इस साल भी सीरियाई और क़तरी नागरिकों पर हज के लिए प्रतिबंध जारी रहेगा।

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