Home मिडिल ईस्ट “कुरान” में करवाना चाह रहे थे बदलाव, तुर्की ने लगाई फटकार

“कुरान” में करवाना चाह रहे थे बदलाव, तुर्की ने लगाई फटकार

तुर्की के यूरोपीय संघ के मामलों के मंत्री उमर सेलिक ने फ्रेंच के लोगों को फटकार लगाई लगाई है. जिन्होंने तुर्की को  फ्रेंच घोषणापत्र में कुरान की आयतों को हटाने के लिए तुर्की को प्रस्ताव दिया था. इस घोषणापत्र को पढने के बाद तुर्की ने ना सिर्फ फ्रेंच घोषणापत्र की निंदा की बल्कि उन्हें कुरान में अपनी दखलंदाजी करने के लिएर भी सख्त मनाही की है.

मिडिल ईस्ट मॉनिटर के मुताबिक, इन 300 प्रमुख फ्रांसीसी लोगों का कहना है कि, कुरान की कुछ आयतों में “कट्टरपंथ” से संबंधित चीज़ें है जिनका दाईश (ISIS) आतंकी फ़ायदा उठा रहे है. वहीँ तुर्की के मंत्री ने इस बेहूदा बयान पर ट्वीट रते हुए कहा कि, “यह बौद्धिक हिंसा और बर्बरता का सबसे आकर्षक उदाहरण है. “जो भी यह लोग हैं और जो भी वे अब तक कर रहे हैं, वे कट्टरपंथी इतिहास की शुरुआत में लिखे जाएंगे.” इनका धर्म इस्लाम हो ही नहीं सकता है क्योंकि इस्लाम “अमन” और “भाईचारे” का मज़हब है.

उन्होंने कहा कि, “आधुनिक दुनिया में कट्टर बौद्धिक और राजनीतिक रूप से केंद्रित है.” सेलिक ने “कट्टर और अनैतिक” प्रस्ताव और देश आतंकवादी समूह की विचारधारा के बीच समानांतर आकर्षित किया और कहा कि, उन्हें आज तक कट्टरपंथियों का मजहब ही समझ नहीं आया है. उन्होंने कहा की, कट्टरपंथ और आतंक फैलानेवालों का कोई धर्म नहीं होता है.

source: ThoughtCo

मिडिल ईस्ट मॉनिटर के मुताबिक, उन्होंने कहा कि, “ये सबसे खतरनाक हैं; जो बौद्धिक और राजनीतिक छवि के पीछे खुद को छुपाते हैं. यह उन लोगों की मानसिकता है जो तथाकथित हिंसा विरोधी हैं, लेकिन वास्तव में वे कट्टरता और हिंसा की पूजा करते हैं. ये 300 फ्रांसीसी लोग भी दाईश के समान हैं जो कुरान में अपनी दखल डालने की कोशिश पर रहे है.

आपको बता दें कि, 21 अप्रैल को 300 प्रमुख फ्रांसीसी लोग, जिनमें पूर्व राष्ट्रपति निकोलस सरकोज़ी और पूर्व प्रधान मंत्री मैनुअल वॉल्स शामिल थे. उन्होंने फ्रांसीसी दैनिक ली पेरिसियन में प्रकाशित एक घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए और कुरान की कुछ आयतों को हटाने की मांग की, जिसमें उन्होंने दावा किया कि हिंसा और विरोधी संदर्भ शामिल हैं.