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ईवीएम विवाद- विश्व की सबसे सुरक्षित ‘नासा’ की वेबसाइट तक की जा चुकी है हैक

दुनिया में सुरक्षा के नाम पर जो भी कुछ बना है, तेज़ दिमाग लोगों ने उसका तोड़ भी निकाला है. कंप्यूटर की दुनिया को एक वक़्त में बेहद सुरक्षित माना जाता था. बहुत सी गोपनीय जानकारियाँ साइबर संसार में सुरक्षित रहेंगी, ऐसा माना जाता था. लेकिन बदलते वक़्त के साथ साइबर संसार भी असुरक्षित हो गया. जहाँ तेज़ दिमाग साइबर एक्सपर्ट और आईटी एक्सपर्ट ने साइबर संसार की सुरक्षा में दिमाग लगाया, वहीँ खुराफाती सोच वाले तेज़ दिमागों ने इस सुरक्षा में सेंध लगाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी. दुनिया की टॉप सिक्योर वेबसाइट्स को हैक (hack) करने वाले ऐसे ही कुछ सूरमाओं के बारे में आज हम बताते हैं:

जोनाथन जेम्सः जोनाथन जेम्स को इंटरनेट की दुनिया ‘कामरेड’ नाम से जानती है. वो आज भले ही दुनिया में नहीं है, पर महज 15 साल की उम्र में उसके कारनामों ने उसे सबसे बड़े हैकर का खिताब दिलवा दिया था. इस छोटी उम्र में ही उसने अमेरिकी सरकार को नेस्तनाबूत कर देने की शक्ति हासिल कर ली थी. जोनाथन के पास अमेरिकी सरकार के लगभग सभी डाटाबेसों तक पहुंच थी, यहां तक कि, रक्षा विभाग और नासा के नेटवर्क भी उसकी पहुंच से बाहर नहीं थे. जेम्स ने नासा के नेटवर्क से अंतरिक्ष स्टेशन संचालन की पूरी जानकारी निकाल ली. जिसकी वैल्यू 17 लाख डॉलर के बराबर थी. मजबूर होकर नासा को अपना नेटवर्क पूरे 3 सप्ताह तक बंद करना पड़ा. बाद में 2007 में जोनाथन को पुलिस ने पकड़ लिया और तमाम आरोप लगाए. जेम्स ने सारे आरोपों को नकार दिया और 2008 में आत्महत्या कर ली.

केविन मिटनिकः केविन मिटनिक के कंप्यूटर हैकर बनने की कहानी बेहद दिलचस्प है. केविन को अमेरिका के इतिहास का मोस्ट वांटेड साइबर क्रिमिनल बताया गया है. केविन की जिंदगी पर दो हॉलीवुड फिल्में भी बन चुकी हैं. तीन साल जेल में गुजारने के बाद उसे 3 साल की निगरानी में रिलीज किया गया. पर 2.5 साल के लिए फिर जेल भेज दिया गया, क्योंकि उसने अमेरिका के नेशनल सिक्योरिटी एलर्ट प्रोग्राम में सेंध लगाने के साथ ही कॉरपोरेट सीक्रेट्स भी चुराए थे. मिकनिक ने 5 साल जेल में बिताने के बाद खुद को बदल लिया और बाद में वो कंसल्टेंट बन गया. साथ ही लोगों को कंप्यूटर सिक्योरिटी पर टिप्स देने लगा. फिलहाल मिकनिक साइबर सिक्योरिटी की दिशा में काम करने वाली खुद की कंपनी चला रहा है.

अल्बर्ट गोंजालेजः अल्बर्ट गोंजालेज के पास अमेरिका की आधी आबादी के क्रेडिट कार्ड के डिटेल्स थे. 17 करोड़ लोगों के क्रेडिट-डेबिट कार्ड की डिटेल्स बेचकर अल्बर्ट गोंजालेज ने करोड़ों कमाए. उसने शैडोक्यूस नाम से ग्रुप भी बना रखा था. जिसने फर्जी पासपोर्ट, फर्जी हेल्थ इंश्योरेंस कार्ड और फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बेचकर खूब कमाई की. अल्बर्ट गोंजालेज को पकड़े जाने के बाद 20-20 साल की दो सजाएं सुनाई गईं, जो साथ-साथ चल रही हैं.

केविन पॉलसनः केविन पॉलसन को ‘डार्क दांते’ के नाम से भी जाना जाता है. इसने एक रेडियो स्टेशन का सिस्टम हैक कर लिया और एक शो जीत लिया. इस दौरान उसने 15 मिनट तक सभी फोन लाइनों पर कब्जा जमाए रखा. शो को जीतने के एवज में पोर्श कार का मालिक बनने के बाद उसपर एफबीआई की नजर गई. बाद में उसने एफबीआई पर ही हमला बोल दिया और एफबीआई के पूरे सिस्टम को हैक कर लिया. यही नहीं, केविन पॉलसन ने एक सुपरमार्केट के पूरे सिस्टम को हैक कर लिया. इसके लिए उसे 51 माह की सजा सुनाई गई. सजा काटने के बाद केविन पॉलसन ने पत्रकारिता की राह पकड़ी और मौजूदा समय में वायर्ड न्यूज का वरिष्ठ संपादक है. केविन पॉलसन ने बाद में अमेरिकी पुलिस की मदद की और सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट ‘मायस्पेस’ पर सक्रिय 744 यौन अपराधियों की पहचान में अहम भूमिका निभाई.

गैरी मैकिनॉनः गैरी मैकिनॉन इंटरनेट की दुनिया में ‘सोलो’ के नाम से चर्चित हुआ. उसे दुनिया में सबसे बड़े मिलिटरी ऑपरेशन के सिस्टम को हैक करने का रुतबा हासिल है. उसने 13 माह काम करके अमेरिकी सेना और नासा के 97 कंप्यूटरों पर पूर्ण नियंत्रण कर लिया. बाद में गैरी मैकिनॉन ने कहा कि वो सिर्फ यूएफओ और सौर ऊर्जा पर नियंत्रण के उपाय ढूंढ रहा था. पर अमेरिकी अधिकारियों ने मुताबिक उसने 300 कंप्यूटरों पर अपना नियंत्रण जमाया और अनगिनत बेहद संवेदनशील फाइलों को डिलीट कर दिया. इससे अमेरिकी सरकार को 70 लाख डॉलर का नुकसान हुआ. गैरी मैकिनॉन 15 साल से अपना मुकदमा अमेरिकी सरकार के खिलाफ लड़ रहा है.

जीनसन जेम्स एंचेताः जेम्स एंचेता को हैकरों का गुरु माना जाता है. जीनसन ने 2004 में ऐसा वायरस तैयार किया, जो किसी भी कंप्यूटर में जाते ही उसके लॉग-इन डिटेल्स हैकर तक पहुंचा देता था. इस वायरस की मदद से जीनसन ने घर बैठे ही 5 लाख कंप्यूटरों तक पहुंच हासिल कर ली और उन्हें अन्य हैकरों तक पहुंचा दिया. 10वीं फेल जीनसन ने पहुंच वाले कंप्यूटरों से कई वेबसाइटें हैक कीं और उनके मालिकों से पैसा वसूला. जीनसन को एफबीआई ने पकड़ने के लिए 2005 में स्टिंग ऑपरेशन किया. 5 साल की जेल की सजा होने के साथ ही जीनसन से उसकी बीएमडब्ल्यू कार भी छीन ली गई.

जॉर्ज हॉट्जः जॉर्ज हॉट्ज ने कभी किसी को नुकसान पहुंचाने या क्रेडिट कार्ड की डिटेल्स चोरी करने के लिए हैकिंग नहीं की. जॉर्ज हॉट्ज ने तो सिर्फ तकनीक की कमियों को खोजा और कंपनियों को उसे सुधारने के लिए मजबूर कर दिया. खासतौर पर एप्पल जैसी कंपनी को. जॉर्ज हॉट्ज ने आईफोन के सभी मॉडलों का तोड़ निकाला और उन्हें अपने ब्लॉग पर छाप दिया. जॉर्ज हॉट्ज ने आईफोन, आईपैड के साथ ही आईपॉड की भी कमियां सार्वजनिक कीं. बाद में एप्पल ने जॉर्ज हॉट्ज को कोर्ट में घसीटा पर कोर्ट के बाहर ही मामले को सुलझा लिया गया. जॉर्ज हॉट्ज को तकनीकी का भेदिया कहें तो गलत नहीं होगा.

web title – hacks have been done to the worlds safest website nasa

paragraph – created in the name of security in the world, the brains of the people have broken its way too. today we tell about some of the same suns that hack