Home स्पेशल रिपोर्ट इंडोनेशियाई युवाओं ने सऊदी अरब पर लगाये अनेकों आरोप, कहा की ”वहां...

इंडोनेशियाई युवाओं ने सऊदी अरब पर लगाये अनेकों आरोप, कहा की ”वहां राजनीतिकरण का हज है

जाकार्ता- डेपोॉक, इंडोनेशिया – इंडोनेशिया में मुस्लिम युवा सम्मेलन के आयोजकों के मुताबिक सऊदी अरब ने हज की पहुंच को “राजनीतिकरण” किया है.

दक्षिण जकार्ता में मुस्लिम छात्र संघ शाखा के अध्यक्ष ज़ियाद अब्दुल मलिक ने अन्य खाड़ी राष्ट्रों और मुस्लिम-बहुमत वाले देशों पर अपनी नीतियों को लागू करने के लिए,  हुए देश की आलोचना की.

मलिक ने सम्मेलन में हस्तक्षेप के लिए सऊदी अरब पर आरोप लगाया, यह मुस्लिम यूथ इवेंट इंडोनेशियाई राजधानी में स्थित जकार्ता में स्थित स्टेट इस्लामिक यूनिवर्सिटी में आयोजित किया गया था, लेकिन यह सऊदी दूतावास के अनुरोध पर रद्द कर दिया गया था.

“हम छात्र हैं, और छात्र आमतौर पर कई चीजों पर चर्चा करते हैं,” उन्होंने कहा, “यह सऊदी अरब के लिए एक समस्या क्यों है?

अन्य आयोजकों ने भी मलिक की आलोचनाओं से सहमती जताते हुए कहा की “सऊदी अरब ने कई देशों – कतर, सीरिया, ईरान और यमन के साथ राजनितिक झगड़ा किया है और यह हज के नियमों को प्रभावित करते हैं.”

सम्मेलन में भाग लेने वाले एक अन्य संगठन, गार्डा सूची मेरह पुतिह (जीएसएमपी) के प्रतिनिधियों ने मालिक की बातों से सहमती जताकर अपना तर्क दिया “कि सऊदी अरब ने मक्का और मदीना में इस्लामी विश्वास की सबसे पवित्र स्थलों के संरक्षक के रूप में अपनी भूमिका का उल्लंघन किया है.”

जीएसएमपी के महासचिव मुजतहिद हाशम ने बताया की “केवल अल्लाह ही किसी को हज पर जाने से मना कर सकते हैं, सऊदी अरब को यह अधिकार नहीं है.”

हाशीम ने सीरिया के तीर्थयात्रियों का उदाहरण देकर इंगित किया की “तीर्थयात्रियों को समिति के माध्यम से धार्मिक यात्रा के लिए वीजा प्राप्त करना चाहिए.”

सऊदी अरब ने सीरिया देश के साथ चल रहे गृहयुद्ध के कारण 2012 में सीरियाई सरकार के साथ अपने राजनयिक संबंधों को तोड़ दिया था.

हाशेम ने कहा, यमन में, सऊदी ने इसी तरह के कदम उठाए हैं, देश के गठजोड़ों के आधार पर हज का राजनीतिकरण किया है. सऊदी अरब ने यमन में सरकार का समर्थन किया है और अरब-बहुमत वाले देशों के गठबंधन का नेतृत्व विपक्षी समूहों के खिलाफ युद्ध में किया है, जैसे हौथी विद्रोहियों. हाशेम ने कहा कि सऊदी अरब ने कतर के नागरिकों पर भी प्रतिबंध लगा दिया है.

धार्मिक दिशा-निर्देशों के अनुसार, हज तीर्थयात्रा सभी मुसलमानों के लिए धार्मिक आवश्यकता है जिनके पास यात्रा करने के लिए वित्तीय साधन हैं.

यह समझाते हुए कि इंडोनेशिया दुनिया में सबसे अधिक आबादी वाला मुस्लिम-बहुमत वाला देश है, हेशेम ने तर्क दिया कि हज्, धार्मिक दिशा निर्देशों के अनुरूप है, यह सुनिश्चित करने में इंडोनेशियाई महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

उन्होंने कहा की “अधिकारियों को सऊदी अरब से आग्रह करना चाहिए की वह उपासना पर प्रतिबंध छोड़ दें. उन्होंने आगे कहा की 2017 में, अनुमानित 221,000 इंडोनेसियाई ने हज किया.

मुस्लिम छात्र संगठन के महासचिव शुजात अली ने ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों को नष्ट करने के लिए सऊदी अरब पर आरोप लगाया था, जैसे इस्लामिक नबी, मुहम्मद का जन्मस्थान. अली ने वॉशिंगटन, डीसी स्थित खाड़ी संस्थान से आंकड़े दिए, जिसमे बताया गया है की “पिछले दो दशकों में 95 प्रतिशत मक्का की ऐतिहासिक इमारतों को नष्ट कर दिया गया है.”

उन्होंने कहा की “वहाँ अब क्या है ? ढेर सारी अमेरिकन कंपनिया, धार्मिक स्थलों को नष्ट कर वहाँ अमेरिकन कंपनियां बनायीं गयी हैं.”