Home स्पेशल रिपोर्ट मदीना और मदीने की खुशबू

मदीना और मदीने की खुशबू

मदीना मुनव्वरा, पूरी दुनिया में सबसे मुक़द्दस जगह. जहां मस्जिद-ए-नबवी सल्लल्लाहो-अलेह-वस्सलललम से लेकर, पर ऐसे-ऐसे मुक़द्दस मक़ामात है जहां पर गहरी आध्यात्मिकता पाई जाती हैं. खास कर के यह रमज़ान के दिनों में और अधिक बढ़ जाती हैं.

यहाँ पर कुछ ऐसी जगहए हैं जो इस्लामिक तारिख से जुड़े हैं. जिसके लिए लोगो के दिलो में बहुत महत्ता हैं. यहाँ पर स्थित मस्जिदे, कुवें, तालाब और घर इस्लामिक तारिख में बहुत महत्वपूर्ण हैं.

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ख़ास कर के वह जन्नती बगीचा जहां पैगम्बर मोहम्मद सल्लल्लाहो-अलेह-वस्सलललम ने नमाज़ अदा की थी. जहां पर पहुंचने के बाद ऐसा महसूस होता है जिनको लफ्ज़ो में अवतरित करना संभव नहीं हैं.

इन सब को छोड़ दिया जाये तो मस्जिद-ए-नबवी सल्लल्लाहो-अलेह-वस्सलललम ही अपने आप में एक समृद्ध इतिहास रखती हैं. इसका इतिहास बयान करना आसान नहीं, कई बार इन चीज़ो को शब्दों में बयान करना इतना आसान नहीं होता हैं. इसका अहसास उन्ही लोगो को होता है जब वो लोग पहली बार इस मुक़द्दस ज़मीन पर क़दम रखते हैं.

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इसके बाद अगर आप मस्जिद-ए-नबवी सल्लल्लाहो-अलेह-वस्सलललम से पूर्व की तरफ़ आगे बढ़ेंगे जहां पर एक कब्रिस्तान मिलेगा जिसको लोग जन्नत-उल-बाक़ी के नाम से जानते है. यह वह जगह है जहां पर 10,000 से अधिक लोग, जिसमे, ख़ुसूसन पैगम्बर मोहम्मद सल्लल्लाहो-अलेह-वस्सलललम के परिवार वाले और सहाबा-इकराम अपनी-अपनी कब्रों में आराम कर रहे हैं.
इतिहास की तारिख पढ़े तो पता चलता है कि इस कब्रिस्तान में सहबियों में सबसे पहले हज़रत अबु-बक्र-सिद्दीक़ राज़ी-अल्लाहो-ताला-अन्हो शामिल दफनाए गए थे. और अधिकतर मुसलमानो कि ख्वाहिश होती है कि वोजन्नत-उल-बकीह में दफन किये जाये. ताकि क़यामत के दिन मोहम्मद सल्लल्लाहो-अलेह-वस्सलललम हिमायत मिल सके.

वही यहाँ पर आने वाले मुसाफिरों में से एक ने अपनी खुशियों और जज़्बातों को ज़ाहिर करते हुए बताया कि “हम इनसे प्यार करते है और यह हमसे”.

Web-Title: Madina and his fragrance

Key-Words: Madina, Mohammad, Soil, holy, divine, ramazan