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इस्लाम धर्म के बारे में ये है वो झूठी बाते जिसे दुनिया को बताया जाता हैं सच

बीते कुछ वर्षो में कट्टरपंथी ताकतों और आतंकी संगठनों ने इस्लाम के नाम को काफी छति पहुंचाई हैं. आतंकी संगठनो ने हिंसा और नफरत फैलाने के लिए भी इस्लाम का इस्तेमाल किया हैं. ISIS इसका सबसे ताजा उदाहरण है. इसने इराक, सीरिया सहित पूरे मध्य पूर्व में छिड़े युद्ध को रिलीजियस वॉर में बदल दिया. ये साफ है कि कोई भी धर्म हिंसा का समर्थन नहीं करता. इस्लाम धर्म को लेकर कई झूठी बाटे गढ़ी जाती है जिसका इस्लाम धर्म से कोई भी सम्बन्ध नहीं हैं.

वेस्ट से नफरत करते हैं मुस्लिम

2001 से 2007 तक गैलप पोलिंग ऑर्गेनाइजेशन ने वर्ल्डवाइड सर्वे किया था. इस सर्वेक्षण में 35 देशों के 50 हजार मुस्लिमों से वेस्टर्न कंट्रीज को लेकर सवाल किए गए. सिर्फ 2% ईरान, 6% सऊदी अरब के लोगों ने वेस्ट से नफरत होने की बात कही. वहीं, बाकी ने वेस्टर्न कंट्रीज की टेक्नोलॉजी और डेमोक्रेसी की तारीफ की.

इस्लाम में महिलाओं को अधिकार नहीं

अक्सर ऐसा बताया जाता है कि इस्लाम में महिलाओं पर काफी पाबंदियां रहती हैं. जोकि हक़ीक़तन गलत हैं. इस्लाम में महिलाओं को सबसे अधिक आज़ादी दी गयी हैं. लेकिन इसकी वजह सिर्फ अलग-अलग देशों में उनके लोकल कल्चर और ट्रेडिशन हैं इस्लाम से इसका कोई संबंध नहीं है. वहीं, इस्लाम में सभ्य कपड़े पहनने को कहा जाता है. ये महिला की सोच है कि वह सिर ढंकना चाहती है या फिर पूरी बॉडी. हालांकि सभी धर्मों में सभ्य कपड़े पहनने की हिदायत दी जाती है। लेकिन दुर्भाग्य से इसे इस्लाम के साथ ज्यादा जोड़ा जाता है.

दूसरे धर्मों और भगवान को नहीं मानता इस्लाम

– कुरान में दूसरे धर्मों का सम्मान करने की शिक्षा दी जाती है।
– ह्यूमन लाइफ की वैल्यू पर जोर दिया जाता है। मासूमों को मारने की पाबंदी है।
– कुरान में मस्जिद के अलावा मठों, चर्च और मंदिरों को नुकसान न पहुंचाने की हिदायत दी गई है।

धर्म परिवर्तन की वकालत करता है इस्लाम

– मिडल ईस्ट, अफ्रीका और साउथ-ईस्ट एशिया के कई देशों में इस्लामिक लॉ लागू हैं।
– इसमें कड़े रूप में धर्म परिवर्तन करवाने की बात कही गई है।
– हालांकि, इस्लाम की गलत इंटरप्रिटेशन से ये नियम आम लोगों द्वारा बनाए गए हैं।
– कुरान और हदीस में धर्म परिवर्तन की सीधी बात नहीं कही गई है।

सभी मुस्लिम अरब होते हैं

– इस्लाम को हमेशा से अरब के साथ जोड़ा जाता है। जबकि दुनिया में सिर्फ 15% अरब मुस्लिम हैं।
– सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी इंडोनेशिया में रहती है। सबसे ज्यादा मुस्लिम एशिया (69%), अफ्रीका (27%) और यूरोप (3%) में रहते हैं।
– पूरी दुनिया में 1.6 अरब मुस्लिम रहते हैं। इसका 60% हिस्सा साउथ और साउथ ईस्ट एशिया में रहता है।
– वहीं, सारे अरब मुस्लिम भी नहीं होते। कई अरब देशों में ईसाई और यहूदियों की बड़ी संख्या रहती है।

जिहाद का मतलब टेररिज्म

– दुनियाभर में जिहाद को टेररिज्म और खून-खराबे के तौर पर जाना जाने लगा है।
– इस्लाम में जिहाद को ज्यादातर लोग होली वॉर के तौर पर जानते हैं। जिसके टारगेट पर सिर्फ गैर-मुस्लिम और वेस्टर्न कंट्री रहती हैं।
– जबकि इस्लाम में जिहाद को ईश्वर के करीब पहुंचने का रास्ता बताया गया है।
– पहला- खुद को स्वार्थी मानसिकता से हटाना और धर्म के करीब जाना। दूसरा- सोशल जस्टिस और ह्यूमन राइट्स के लिए लड़ना।
– तीसरा- धर्म की रक्षा के लिए हथियार उठाना। ये सेल्फ डिफेंस के लिए या हमलावर को रोकने के लिए किया जा सकता है।