Home विडियो दस वह झूट जो इस्लाम के बारे में बोले जाते हैं, देखे...

दस वह झूट जो इस्लाम के बारे में बोले जाते हैं, देखे विडियो और जाने सच्चाई

जैसे की आज विश्व भर में देखा जाता हैं कि इस्लाम को अपमानित करने तथा इस्लाम की गलत धारणा फैलाना साधारण सा काम हो गया हैं. इस्लाम की झूटी विचारधारा को बढ़ावा देने का काम अपनी रोटियों को सेंकने और अपनी कुर्सी को बचाने के लिए कई लोग कर रहे हैं.

आज हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे सच जिनको इस्लाम के नाम पर थोप दिया गया हैं. और लोगो को इस बात का विश्वास दिला दिया गया हैं कि इस्लाम मज़हब गलत हैं.

10 ऐसे झूट जो इस्लाम के नाम पर थोप दिए गए हैं.

1- पहला झूट– मुस्लमान अपने बच्चे को पक्षिमी लोगो से नफरत करना सिखाते हैं. जबकि एक सर्वे के मुताबिक, जिसमे 35 देशो के 50 हज़ार मुस्लमानो से इस बारे में पुछा गया, जिनमे से 6 % सऊदी और 2 % इराक के लोगो को छोड़ दिया जाये तो सभी ने पक्षिमी लोगो की प्रशंसा की.

2-दूसरा झूट– अमेरिका में मुसलमानो को आतंवादी बनाने की ट्रेनिंग दी जाती हैं, जबकि यह बात बिलकुल झूट हैं.

3-तीसरा झूट– फॉक्स न्यूज़ के एक पत्रकार ने इस बात का दावा किया के फ्रांस के करीब 750 जगहों पर नॉन-मुस्लिम का जाने पर रोक हैं, जहा पर इस्लामिक कानून चलता हैं. जबकि बाद में यह पाया गया कि उनका यह बयान सिर्फ एक विचार की देन थी. जिसका सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं था.

4-चौथा झूट– इस्लामिक आतंकवाद दुनिया के लिए सबसे बाद खतरा हैं, वास्तव में इस्लामिक आतंकवाद कुछ हैं नहीं. नार्थ कैलोरिन की यूनिवर्सिटी के रिसर्च के मुताबिक अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में हुए धमाके के बाद से 190,000 अमेरिकन की जाने गयी हैं जिसमे से सिर्फ 37 अमेरिकन ऐसे है जिनकी मौत आतंकी गतिविधियों के कारण हुई.

5-पांचवा झूट- वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले का मुस्लमान जश्न मानते हैं, इस बात का कोई आधार नहीं हैं. अपनी राजनैतिक रैली के दौरान डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया था कि मुस्लमान 9/11 हमले का जश्न मानते हैं जिसका वीडियो मौजूद हैं. जबकि जाँच पड़ताल के बाद पता चलता है कि इस विवादास्पद बयान का कोई आधार नही हैं.

6-छठा झूट- आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट इस्लाम का प्रतिनिधित्व करती हैं. इराक के कैथोलिक चर्च के एक पादरी डॉग्लस अल-बाज़ी ने कहा कि जो कोई यह समझता हैं कि “इस्लामिक स्टेट इस्लाम का प्रतिनिधित्व नहीं करती उसकी यह ग़लतफ़हमी हैं. 100 फ़ीसदी इस्लामिक स्टेट इस्लाम का प्रतिनिधित्व करता हैं”.

जबकि वास्तव में इस्लामिक स्टेट न केवल गैर इस्लामी संस्था हैं बल्कि एंटी मुस्लिम भी हैं. और रिसर्च से यह बात पता चलती हैं कि 2015 के शुरुआत के आठ महीनो में इराक में 9000 मुस्लमानो के क़त्ल का ज़िम्मेदाकर आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट हैं.

7-सातवा झूट- मुस्लमान हिंसा को बढ़ावा देते हैं, इस बात को डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने भाषण के दौरान भी किया. जबकि एक एंटी मुस्लिम जांच संसथान के प्रशासक फ्रैंक गाफेनी ने जांच के बाद इस बात का खुलासा किया कि 0.006625 फ़ीसदी मुस्लमान आतंकी विचारधारा को बढ़ावा देते हैं.

8-आठवां झूट– बिर्मिंघम में सिर्फ मुस्लमान आबादी हैं, जोकि बिलकुल बेबुनियाद हैं. यूनाइटेड किंगडम की संस्था ‘एमर्सन’ ने इस बात का खुलासा किया कि बिर्मिंघम में सिर्फ 14 फ़ीसदी आबादी मुस्लमानो की हैं.

देखिये इस विडियो में झूट का राज़